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निम्नलिखित उदाहरण के अलंकार पहचानकर लिखिए। राधा-वदन चंद सो सुंदर।

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Questions

निम्नलिखित उदाहरण के अलंकार पहचानकर लिखिए।

राधा-वदन चंद सो सुंदर।

निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार के नाम पहचानकर लिखिए।

राधा-वदन चंद सो सुंदर।

Grammar/Language
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Solution

उपमा अलंकार

shaalaa.com
अलंकार
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2022-2023 (March) Official

RELATED QUESTIONS

निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

मधुबन की छाती को देखो।
सूखी कितनी इसकी कलियाँ।


निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

कंकन किंकिन नूपुर धुनि सुनि।


निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

तीन बेर खाती थीं वे तीन बेर खाती हैं। 


निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

जेते तुम तारे तेते नभ में न तारे हैं। 


निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

हाय फूल-सी कोमल बच्ची।
हुई राख की थी ढेरी।। 


निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

संसार की सम‍रस्‍थली में धीरता। 


निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

चमचमात चंचल नयन बिच घूँघट पर झीन
मानहु सुरसरिता विमल जल बिछुरत जुग मीन।।


अलंकार बताइए:
कोई छह बजे सुबह जैसे गरम पानी से नहाई हो


अलंकार बताइए:

खिली हुई हवा आई, फिरकी-सी आई, चली गई


अलंकार बताइए:
कि दहर-दहर दहकेंगे कहीं ढाक के जंगल


उपमा अलंकार के दो उदाहरण छाँटिए।


उत्प्रेक्षा अलंकार का प्रयोग कहाँ और क्यों किया गया है? उदाहरण सहित उल्लेख कीजिए।


प्रथम दो छंदों में से अलंकार छाँटकर लिखिए और उनसे उत्पन्न काव्य-सौंदर्य पर टिप्पणी कीजिए।


निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकारों की पहचान कीजिए।

कहि कहि आवन छबीले मनभावन को, गहि गहि राखति ही दैं दैं सनमान को।


कविता में रूपक अलंकार का प्रयोग कहाँ-कहाँ हुआ है? संबंधित वाक्यांश को छाँटकर लिखिए।


अपने द्वारा इस सत्र में पढ़ी किन्हीं दो कविताओं में प्रयुक्त अलंकारों के महत्व का वर्णन कीजिए।


निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार के नाम पहचानकर लिखिए।

चरण सरोज पखारन लागा।


निम्नलिखित पंक्ती में उद्धृत अलंकार पहचान कर उसका नाम लिखिए:

हनुमंत की पूँछ में लग न पाई आग।
लंका सगरी जल गई, गए निशाचर भाग।।


"अर्थ बिना कब पूर्ण हैं, शब्द, सकल जग-काज।

अर्थ अगर आ जाए तो, ठाठ-बाट औ राज।।" 

इस दोहे में प्रयुक्त अलंकार है-


"कैसे कलुषित प्राण हो गए।

मानो मन पाषाण हो गए।।”

इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है-


"इधर उठाया धनुष क्रोध में और चढ़ाया उस पर बाण।

धरा, सिंधु, नभ कॉँपे सहसा, विकल हुए जीवों के प्राण।।”

इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है -


"एक दिवस सूरज ने सोची, छुट्टी ले लेने की बात।

सोचा कुछ पल सुकूँ मिलेगा, चलने दो धरती पर रात।।” 

इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है-


निम्नलिखित उदाहरण के अलंकार पहचानकर लिखिए।

पड़ी अचानक नदी अपार।
घोड़ा उतरे कैसे पार ॥
राणा ने सोचा इस पार।
तब तक चेतक था उस पार ॥


निम्नलिखित उदाहरण के अलंकार पहचानकर लिखिए।

उदित उदय गिरि मंच पर।
रघुबर बाल पतंग।।

निम्नलिखित अलंकार पहचानकर उसका प्रकार और उप-प्रकार लिखिए:

वाक्य प्रकार उप-प्रकार
कनक-कनक ते सौ गुनी,
मादकता अधिकाय।
जो खाए बौराय जग,
जो पाए बौराय।
   

निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार पहचानकर उनके नाम लिखिए:

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।


निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार पहचानकर उनके नाम लिखिए:

एक म्यान में दो तलवारें, कभी नहीं रह सकती हैं।
किसी और पर प्रेम पति का, नारियाँ नहीं सह सकती हैं।


“मंगन को देखि पट देत बार-बार है।” इस पंक्ति में निहित अलंकार है -


“सो जनु हमरेहि माथें काढ़ा। दिन चलि गए ब्याज बड़ बाढ़ा।” इस चौपाई में प्रयुक्त अलंकार है -


“हनुमान की पूँछ में लगन पाई आग
लंका सिगरी जल गई गए निसावर भाग”

इस दोहे में निहित अलंकार है -


'जो रहीम गति दीप की कुल कपूत की सोय।
बारै उजियारों करै, बढ़ै अँधेरो होय।'

इस दोहे में प्रयुक्त अलंकार है -


“प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै।” इस काव्य-पंक्ति में अलंकार है -


'सुनत जोग लागत है ऐसौ, ज्यौं करुई ककरी' में अलंकार है -


निम्नलिखित में उत्प्रेक्षा अलंकार है -


निम्नलिखित में से किन पंक्तियों में उत्प्रेक्षा अलंकार है?


स्तम्भ-I और स्तम्भ-II को उचित विकल्प से सुमेलित कीजिए -

  स्तम्भ-I   स्तम्भ-II
(I) हेमकुंभ ले उषा सवेरे भरती ढुलकाती सुख मेरे। (अ) श्लेष अलंकार
(II) हरिमुख मानो मधुर मयंक। (ब) उत्प्रेक्षा अलंकार
(III) पानी गए न ऊबरै, मोती मानुष चून। (स) मानवीकरण अलंकार

‘माली आवत देख कर कलियाँ करैं पुकार’ - प्रस्तुत पंक्ति में अलंकार है -


निम्नलिखित पंक्ति मैं उद्धृत अलंकार पहचानकर उनके नाम लिखिए:

उधो, मेरा हृदयतल था एक उद्यान न्यारा।
शोभा देतीं अमित उसमें कल्पना-क्यारियाँ भी।।


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