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निम्नलिखित पंक्ति मैं उद्धृत अलंकार पहचानकर उनका नाम लिखिए: पत्रा ही तिथि पाइयै, वाँ घर के चहुँ पास। नितप्रति पून्योई रहै, आनन-ओप उजास।।

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Question

निम्नलिखित पंक्ति मैं उद्धृत अलंकार पहचानकर उनका नाम लिखिए:

पत्रा ही तिथि पाइयै, वाँ घर के चहुँ पास। 
नितप्रति पून्योई रहै, आनन-ओप उजास।।  

Grammar/Language
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Solution

अतिशयोक्ति अलंकार

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अलंकार
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2023-2024 (March) Official

RELATED QUESTIONS

निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

जेते तुम तारे तेते नभ में न तारे हैं। 


निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

हाय फूल-सी कोमल बच्ची।
हुई राख की थी ढेरी।। 


निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

संसार की सम‍रस्‍थली में धीरता। 


निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

चमचमात चंचल नयन बिच घूँघट पर झीन
मानहु सुरसरिता विमल जल बिछुरत जुग मीन।।


अलंकार बताइए:
कि दहर-दहर दहकेंगे कहीं ढाक के जंगल


प्रथम दो छंदों में से अलंकार छाँटकर लिखिए और उनसे उत्पन्न काव्य-सौंदर्य पर टिप्पणी कीजिए।


निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकारों की पहचान कीजिए।

कहि कहि आवन छबीले मनभावन को, गहि गहि राखति ही दैं दैं सनमान को।


निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकारों की पहचान कीजिए।

कूक भरी मूकता बुलाए आप बोलि है।


निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकारों की पहचान कीजिए।

अब न घिरत घन आनंद निदान को।


अपने द्वारा इस सत्र में पढ़ी किन्हीं दो कविताओं में प्रयुक्त अलंकारों के महत्व का वर्णन कीजिए।


निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार के नाम पहचानकर लिखिए।

चरण सरोज पखारन लागा।


निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार के नाम पहचानकर लिखिए।

जान पड़ता है नेत्र देख बड़े-बड़े।
हीरकों में गोल नीलम हैं जड़े।।


निम्नलिखित पंक्ती में उद्धृत अलंकार पहचान कर उसका नाम लिखिए:

हनुमंत की पूँछ में लग न पाई आग।
लंका सगरी जल गई, गए निशाचर भाग।।


निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार के नाम पहचानकर लिखिए।

करत-करत अभ्यास के, जड़मति होत सुजान।
रसरी आवत जात है, सिल पर पड़त निसान।।


"कैसे कलुषित प्राण हो गए।

मानो मन पाषाण हो गए।।”

इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है-


"कहती हुई यों उत्तरा के नेत्र जल से भर गए।

हिमकणों से पूर्ण मानो हो गए पंकज नए।।” 

इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है-


निम्नलिखित अलंकार पहचानकर उसका प्रकार और उपप्रकार लिखिए:

वाक्य प्रकार उपप्रकार
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो ______ ______

निम्नलिखित उदाहरण के अलंकार पहचानकर लिखिए।

पड़ी अचानक नदी अपार।
घोड़ा उतरे कैसे पार ॥
राणा ने सोचा इस पार।
तब तक चेतक था उस पार ॥


निम्नलिखित उदाहरण के अलंकार पहचानकर लिखिए।

राधा-वदन चंद सो सुंदर।

निम्नलिखित उदाहरण के अलंकार पहचानकर लिखिए।

ऊँची-नीची सड़क, बुढ़िया के कूबड़-सी।

नंदनवन-सी फूल उठी, छोटी-सी कुटिया मेरी।


निम्नलिखित पंक्ती में उद्धृत अलंकार पहचान कर उसका नाम लिखिए:

सिंधु - सेज पर धरा - वधू।
अब तनिक संकुचित बैठी - सी॥


निम्नलिखित उदाहरण के रस पहचानकर लिखिए।

कहूँ सुलगत कोउ चिता कहूँ कोड जात लगाई।
एक लगाई जात एक की राख बुझाई।


निम्नलिखित अलंकार पहचानकर उसका प्रकार और उप-प्रकार लिखिए:

वाक्य प्रकार उप-प्रकार
कनक-कनक ते सौ गुनी,
मादकता अधिकाय।
जो खाए बौराय जग,
जो पाए बौराय।
   

“मंगन को देखि पट देत बार-बार है।” इस पंक्ति में निहित अलंकार है -


“सो जनु हमरेहि माथें काढ़ा। दिन चलि गए ब्याज बड़ बाढ़ा।” इस चौपाई में प्रयुक्त अलंकार है -


“पल-पल परिवर्तित प्रकृति वेश।” इस काव्य-पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार है -


'जो रहीम गति दीप की कुल कपूत की सोय।
बारै उजियारों करै, बढ़ै अँधेरो होय।'

इस दोहे में प्रयुक्त अलंकार है -


'उषा सुनहले तीर बरसती
जय लक्ष्मी-सी उदित हुई।'

इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है -


'जा तन की झाँई परै श्याम हरित दुति होय।' - इस काव्य-पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार है -


निम्नलिखित में अलंकार है - 'मेघ आए बन-ठन के सँवर के।'


“प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै।” इस काव्य-पंक्ति में अलंकार है -


'सुनत जोग लागत है ऐसौ, ज्यौं करुई ककरी' में अलंकार है -


'उस काल मारे क्रोध के, तन काँपने उसका लगा। मानो हवा के जोर से, सोता हुआ सागर जगा।' में अलंकार है -


'आगे नदियाँ पड़ी अपार, घोड़ा कैसे उतरे पार।
राणा ने सोचा इस पार, तब तक चेतक था उस पार।'

- प्रस्तुत पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है -


निम्नलिखित में से किन पंक्तियों में उत्प्रेक्षा अलंकार है?


‘माली आवत देख कर कलियाँ करैं पुकार’ - प्रस्तुत पंक्ति में अलंकार है -


निम्नलिखित पंक्ति मैं उद्धृत अलंकार पहचानकर उनके नाम लिखिए:

उधो, मेरा हृदयतल था एक उद्यान न्यारा।
शोभा देतीं अमित उसमें कल्पना-क्यारियाँ भी।।


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