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Question
निम्नलिखित में से किन पंक्तियों में उत्प्रेक्षा अलंकार है?
Options
कनक-कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय
वो खाए बौराए जग, या पाए बौराए।नहिं पराग नहि मधुर मधु, नहिं विकास इहिं काल
अली कली-ही सों बँध्यो, आगे कौन हवाल।चमचमात चंचल नयन, विच घूँघट पट छीन
मनहु सुरसीता विमल, जल उछरत जुग मीन।कोटि कुलिस-सम-वचन तुम्हारा
व्यर्थ धरहु बान कुठारा।
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Solution
चमचमात चंचल नयन, विच घूँघट पट छीन
मनहु सुरसीता विमल, जल उछरत जुग मीन।
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निम्नलिखित पंक्ति मैं उद्धृत अलंकार पहचानकर उनके नाम लिखिए:
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निम्नलिखित अलंकार पहचानकर उसका प्रकार और उप-प्रकार लिखिए:
| वाक्य | प्रकार | उप-प्रकार |
| जो रहीम गति दीप की, कुल कपूत गति सोई। बारे उजियारो करे, बढ़े अँधेरो होई। |
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