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Question
“मंगन को देखि पट देत बार-बार है।” इस पंक्ति में निहित अलंकार है -
Options
उत्प्रेक्षा
अतिशयोक्ति
मानवीकरण
श्लेष
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Solution
श्लेष
व्याख्या:
जहाँ पर कोई एक शब्द एक ही बार आए लेकिन उसके अर्थ अलग-अलग निकलें वहाँ श्लेष अलंकार होता है।
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निम्न वाक्य में अलंकार पहचानकर बताइए :
लट लटकनि मनो मत्त मधुप गन मादक मधुहि पियें।
निम्न वाक्य में अलंकार पहचानकर बताइए :
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निम्न वाक्य में अलंकार पहचानकर बताइए :
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अलंकार बताइए:
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अलंकार बताइए:
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प्रथम दो छंदों में से अलंकार छाँटकर लिखिए और उनसे उत्पन्न काव्य-सौंदर्य पर टिप्पणी कीजिए।
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निम्नलिखित उदाहरण के अलंकार पहचानकर लिखिए।
निम्नलिखित उदाहरण के अलंकार पहचानकर लिखिए।
रघुबर बाल पतंग।।
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“सो जनु हमरेहि माथें काढ़ा। दिन चलि गए ब्याज बड़ बाढ़ा।” इस चौपाई में प्रयुक्त अलंकार है -
'उषा सुनहले तीर बरसती
जय लक्ष्मी-सी उदित हुई।'
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'सुनत जोग लागत है ऐसौ, ज्यौं करुई ककरी' में अलंकार है -
'आगे नदियाँ पड़ी अपार, घोड़ा कैसे उतरे पार।
राणा ने सोचा इस पार, तब तक चेतक था उस पार।'
- प्रस्तुत पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है -
निम्नलिखित में से किन पंक्तियों में उत्प्रेक्षा अलंकार है?
निम्नलिखित पंक्ति मैं उद्धृत अलंकार पहचानकर उनके नाम लिखिए:
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मनों नीलमनि शैल पर, आतप पर्यो प्रभात।।
