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निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : सुख चपला-सा, दुख घन में उलझा है चंचल मन कुरंग।

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Question

निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

सुख चपला-सा, दुख घन में
उलझा है चंचल मन कुरंग।

One Line Answer
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Solution

सुख चपला-सा, दुख घन में
उलझा है चंचल मन कुरंग। - उपमा अलंकार

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अलंकार
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Chapter 2.05: अथातो घुम्‍मक्‍कड़-जिज्ञासा - भाषा बिंदु [Page 83]

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Balbharati Hindi Kumarbharati Standard 10 Maharashtra State Board
Chapter 2.05 अथातो घुम्‍मक्‍कड़-जिज्ञासा
भाषा बिंदु | Q (१) ११. | Page 83

RELATED QUESTIONS

निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

जेते तुम तारे तेते नभ में न तारे हैं। 


प्रथम दो छंदों में से अलंकार छाँटकर लिखिए और उनसे उत्पन्न काव्य-सौंदर्य पर टिप्पणी कीजिए।


निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकारों की पहचान कीजिए।

कूक भरी मूकता बुलाए आप बोलि है।


कविता में रूपक अलंकार का प्रयोग कहाँ-कहाँ हुआ है? संबंधित वाक्यांश को छाँटकर लिखिए।


निम्नलिखित पंक्ती में उद्धृत अलंकार पहचान कर उसका नाम लिखिए:

हनुमंत की पूँछ में लग न पाई आग।
लंका सगरी जल गई, गए निशाचर भाग।।


निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार के नाम पहचानकर लिखिए।

करत-करत अभ्यास के, जड़मति होत सुजान।
रसरी आवत जात है, सिल पर पड़त निसान।।


निम्नलिखित पंक्ति मैं उद्धृत अलंकार पहचानकर उनका नाम लिखिए:

पत्रा ही तिथि पाइयै, वाँ घर के चहुँ पास। 
नितप्रति पून्योई रहै, आनन-ओप उजास।।  


निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार पहचानकर उनके नाम लिखिए:

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।


'हिमकणों से पूर्ण मानो हो गए पंकज नए।'

इस काव्य-पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार है -


निम्नलिखित में उत्प्रेक्षा अलंकार है -


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