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'उषा सुनहले तीर बरसती जय लक्ष्मी-सी उदित हुई।' इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है - - Hindi Course - A

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Question

'उषा सुनहले तीर बरसती
जय लक्ष्मी-सी उदित हुई।'

इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है -

Options

  • श्लेष

  • अतिशयोक्ति

  • उत्प्रेक्षा

  • मानवीकरण

MCQ
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Solution

मानवीकरण

shaalaa.com
अलंकार
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2022-2023 (March) Delhi 2

RELATED QUESTIONS

निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

तीन बेर खाती थीं वे तीन बेर खाती हैं। 


निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

हाय फूल-सी कोमल बच्ची।
हुई राख की थी ढेरी।। 


निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

चमचमात चंचल नयन बिच घूँघट पर झीन
मानहु सुरसरिता विमल जल बिछुरत जुग मीन।।


अलंकार बताइए:
कोई छह बजे सुबह जैसे गरम पानी से नहाई हो


अलंकार बताइए:
कि दहर-दहर दहकेंगे कहीं ढाक के जंगल


उपमा अलंकार के दो उदाहरण छाँटिए।


प्रथम दो छंदों में से अलंकार छाँटकर लिखिए और उनसे उत्पन्न काव्य-सौंदर्य पर टिप्पणी कीजिए।


निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकारों की पहचान कीजिए।

कहि कहि आवन छबीले मनभावन को, गहि गहि राखति ही दैं दैं सनमान को।


निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार के नाम पहचानकर लिखिए।

चरण सरोज पखारन लागा।


निम्नलिखित पंक्ती में उद्धृत अलंकार पहचान कर उसका नाम लिखिए:

हनुमंत की पूँछ में लग न पाई आग।
लंका सगरी जल गई, गए निशाचर भाग ।।


निम्नलिखित अलंकार पहचानकर उसका प्रकार और उपप्रकार लिखिए:

वाक्य प्रकार उपप्रकार
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो ______ ______

निम्नलिखित उदाहरण के रस पहचानकर लिखिए।

कहूँ सुलगत कोउ चिता कहूँ कोड जात लगाई।
एक लगाई जात एक की राख बुझाई।


'जो रहीम गति दीप की कुल कपूत की सोय।
बारै उजियारों करै, बढ़ै अँधेरो होय।'

इस दोहे में प्रयुक्त अलंकार है -


'सोहत ओढ़े पीत-पट स्याम सलौने गात।
मनो नीलमणि सेल पर आतप परयो प्रभात॥'

इस दोहे में प्रयुक्त अलंकार है -


“प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै।” इस काव्य-पंक्ति में अलंकार है -


“वह शर इधर गांडीव गुण से भिन्न जैसे ही हुआ, धड़ से जयद्रथ का उधर सिर छिन्‍न वैसे ही हुआ।” - काव्य-पंक्ति में अलंकार है -


'सुबरन को खोजत फिरत कवि, व्यभिचारी, चोर।' में अलंकार है -


'आगे नदियाँ पड़ी अपार, घोड़ा कैसे उतरे पार।
राणा ने सोचा इस पार, तब तक चेतक था उस पार।'

- प्रस्तुत पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है -


निम्नलिखित पंक्ति मैं उद्धृत अलंकार पहचानकर उनके नाम लिखिए:

चरण-कमल-सम-कोमल।


निम्नलिखित पंक्ति मैं उद्धृत अलंकार पहचानकर उनके नाम लिखिए:

सोहत ओढ़े पीत पट श्याम सलोने गात।
मनों नीलमनि शैल पर, आतप पर्‌यो प्रभात।।


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