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Question
'जो रहीम गति दीप की कुल कपूत की सोय।
बारै उजियारों करै, बढ़ै अँधेरो होय।'
इस दोहे में प्रयुक्त अलंकार है -
Options
अतिशयोक्ति
उत्प्रेक्षा
श्लेष
मानवीकरण
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Solution
श्लेष
व्याख्या: श्लेष का अर्थ होता है चिपका हुआ। जब किसी शब्द का प्रयोग एक बार ही किया जाता है लेकिन उससे कई अर्थ निकलते हैं तो उसे श्लेष अलंकार कहा जाता है।
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| वाक्य | प्रकार | उपप्रकार |
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पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।
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“हनुमान की पूँछ में लगन पाई आग
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- प्रस्तुत पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है -
निम्नलिखित अलंकार पहचानकर उसका प्रकार और उप-प्रकार लिखिए:
| वाक्य | प्रकार | उप-प्रकार |
| जो रहीम गति दीप की, कुल कपूत गति सोई। बारे उजियारो करे, बढ़े अँधेरो होई। |
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