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'जो रहीम गति दीप की कुल कपूत की सोय।बारै उजियारों करै, बढ़ै अँधेरो होय।' इस दोहे में प्रयुक्त अलंकार है - - Hindi Course - A

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Question

'जो रहीम गति दीप की कुल कपूत की सोय।
बारै उजियारों करै, बढ़ै अँधेरो होय।'

इस दोहे में प्रयुक्त अलंकार है -

Options

  • अतिशयोक्ति

  • उत्प्रेक्षा

  • श्लेष

  • मानवीकरण

MCQ
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Solution

श्लेष

व्याख्या: श्लेष का अर्थ होता है चिपका हुआ। जब किसी शब्द का प्रयोग एक बार ही किया जाता है लेकिन उससे कई अर्थ निकलते हैं तो उसे श्लेष अलंकार कहा जाता है।

shaalaa.com
अलंकार
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2022-2023 (March) Delhi 2

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निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

कहै कवि बेनी बेनी ब्‍याल की चुराई लीनी। 


निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

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निम्‍न वाक्‍य में अलंकार पहचानकर बताइए : 

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निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकारों की पहचान कीजिए।

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निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकारों की पहचान कीजिए।

अब न घिरत घन आनंद निदान को।


निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार के नाम पहचानकर लिखिए।

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निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार के नाम पहचानकर लिखिए।

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निम्नलिखित पंक्ती में उद्धृत अलंकार पहचान कर उसका नाम लिखिए:

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"इधर उठाया धनुष क्रोध में और चढ़ाया उस पर बाण।

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इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है -


निम्नलिखित अलंकार पहचानकर उसका प्रकार और उपप्रकार लिखिए:

वाक्य प्रकार उपप्रकार
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो ______ ______

निम्नलिखित उदाहरण के अलंकार पहचानकर लिखिए।

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निकसे जनु जुण विमले बिंधु, जलद परले बिलगाइ ॥

निम्नलिखित उदाहरण के अलंकार पहचानकर लिखिए।

उदित उदय गिरि मंच पर।
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निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार पहचानकर उनके नाम लिखिए:

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।


“जिसके अरुण - कपोलों की मतवाली सुंदर छाया में।
अनुरागिनी उषा लेती थी निज सुहाग मधुमाया में।”

इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है -


“हनुमान की पूँछ में लगन पाई आग
लंका सिगरी जल गई गए निसावर भाग”

इस दोहे में निहित अलंकार है -


निम्नलिखित में अलंकार है - 'मेघ आए बन-ठन के सँवर के।'


निम्नलिखित में अलंकार है - 'मनहूँ रंक निधि लूटन लागी।'


'कहीं साँस लेते हो घर- घर भर देते हो' पंक्ति में निहित अलंकार है -


'आगे नदियाँ पड़ी अपार, घोड़ा कैसे उतरे पार।
राणा ने सोचा इस पार, तब तक चेतक था उस पार।'

- प्रस्तुत पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है -


निम्नलिखित अलंकार पहचानकर उसका प्रकार और उप-प्रकार लिखिए:

वाक्य प्रकार उप-प्रकार
जो रहीम गति दीप की,
कुल कपूत गति सोई।
बारे उजियारो करे,
बढ़े अँधेरो होई।
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