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'जो रहीम गति दीप की कुल कपूत की सोय।बारै उजियारों करै, बढ़ै अँधेरो होय।' इस दोहे में प्रयुक्त अलंकार है -

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प्रश्न

'जो रहीम गति दीप की कुल कपूत की सोय।
बारै उजियारों करै, बढ़ै अँधेरो होय।'

इस दोहे में प्रयुक्त अलंकार है -

पर्याय

  • अतिशयोक्ति

  • उत्प्रेक्षा

  • श्लेष

  • मानवीकरण

MCQ
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उत्तर

श्लेष

व्याख्या: श्लेष का अर्थ होता है चिपका हुआ। जब किसी शब्द का प्रयोग एक बार ही किया जाता है लेकिन उससे कई अर्थ निकलते हैं तो उसे श्लेष अलंकार कहा जाता है।

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अलंकार
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2022-2023 (March) Delhi 2
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