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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −हमारे जीवन की रफ़्तार बढ़ गई है। यहाँ कोई चलता नहीं बल्कि दौड़ता है। कोई बोलता नहीं, बकता है। हम जब अकेले पड़ते हैं तब अपने आपसे लगातार बड़बड़ाते रहते हैं।

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Question

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 
हमारे जीवन की रफ़्तार बढ़ गई है। यहाँ कोई चलता नहीं बल्कि दौड़ता है। कोई बोलता नहीं, बकता है। हम जब अकेले पड़ते हैं तब अपने आपसे लगातार बड़बड़ाते रहते हैं।

Short/Brief Note
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Solution

जीवन की भाग-दौड़, व्यस्तता तथा आगे निकलने की होड़ ने लोगों का चैन छीन लिया है। हर व्यक्ति अपने जीवन में अधिक पाने की होड़ में भाग रहा है। इससे तनाव व निराशा बढ़ रही है।

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पतझर में टूटी पत्तियाँ
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Chapter 2.7: पतझर में टूटी पत्तियाँ - लिखित (ग) [Page 123]

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NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
Chapter 2.7 पतझर में टूटी पत्तियाँ
लिखित (ग) | Q 3 | Page 123

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