English

प्रेक्टिकल आइडियालिस्ट किसे कहते हैं?

Advertisements
Advertisements

Question

प्रेक्टिकल आइडियालिस्ट किसे कहते हैं?

One Line Answer
Advertisements

Solution

जो लोग आदर्श बनते हैं और व्यवहार के समय उन्हीं आर्दशों को तोड़ मरोड़ कर अवसर का लाभ उठाते हैं, उन्हें प्रेक्टिकल आइडियालिस्ट कहते हैं।

shaalaa.com
पतझर में टूटी पत्तियाँ
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 2.7: पतझर में टूटी पत्तियाँ - मौखिक [Page 122]

APPEARS IN

NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
Chapter 2.7 पतझर में टूटी पत्तियाँ
मौखिक | Q 2 | Page 122

RELATED QUESTIONS

शुद्ध सोना और गिन्नी का सोना अलग क्यों होता है?


लेखक ने जापानियों के दिमाग में 'स्पीड' का इंजन लगने की बात क्यों कही है?


जापानी में चाय पीने की विधि को क्या कहते हैं?


जापान में जहाँ चाय पिलाई जाती है, उस स्थान की क्या विशेषता है?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए
शुद्ध आदर्श की तुलना सोने से और व्यावहारिकता की तुलना ताँबे से क्यों की गई है?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए
चाजीन ने कौन-सी क्रियाएँ गरिमापूर्ण ढंग से पूरी कीं?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए
'टी-सेरेमनी' में कितने आदमियों को प्रवेश दिया जाता था और क्यों?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए
चाय पीने के बाद लेखक ने स्वयं में क्या परिवर्तन महसूस किया?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए
'शुद्ध सोने में ताबे की मिलावट या ताँबें में सोना', गाँधीजी के आदर्श और व्यवहार के संदर्भ में यह बात किस तरह झलकती है? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए
लेखक के मित्र ने मानसिक रोग के क्या-क्या कारण बताए? आप इन कारणों से कहाँ तक सहमत हैं?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए
लेखक के अनुसार सत्य केवल वर्तमान है, उसी में जीना चाहिए। लेखक ने ऐसा क्यों कहा होगा? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 
हमारे जीवन की रफ़्तार बढ़ गई है। यहाँ कोई चलता नहीं बल्कि दौड़ता है। कोई बोलता नहीं, बकता है। हम जब अकेले पड़ते हैं तब अपने आपसे लगातार बड़बड़ाते रहते हैं।


गिन्नी के सोने का अधिक उपयोग क्यों किया जाता है?


समाज के उत्थान में आदर्शवादियों का योगदान स्पष्ट कीजिए।


‘झेन की देन’ पाठ से आपको क्या संदेश मिलता है?


मृगाक्षी एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में मैनेजर के पद पर आसीन है। श्रेष्ठ संचालन व बहुमुखी प्रतिभा की धनी होने के साथ ही बुद्धिमानी से तथ्यों को सुलझाने और सभी कार्यों को व्यवस्थित करने में उसका कोई सानी नहीं। वह रात-दिन काम में जुटी रहती है। कंपनी के स्तर को बढ़ाने के लिए सदैव प्रयासरत रहती है। कुछ दिनों से उसके सिर में दर्द रहने लगा है तथा नींद भी ठीक से नहीं आती है। ज़रा-ज़रा सी बात में चिड़चिड़ापन होता है तथा अक्सर उदासी उसे घेरे रहती है।

इसका क्या कारण हो सकता है? 'पतझर में टूटी पत्तियाँ पाठ में 'झेन की देन' हमें जो सीख प्रदान करती है, क्या वह मृगाक्षी के लिए सही साबित हो सकती है? स्थिति का मूल्यांकन करते हुए अपने विचार लिखिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60-70 शब्दों में लिखिए:

"हमारे सामने जो वर्तमान क्षण है वही सत्य है। उसी में जीना चाहिए।" ‘झेन की देन’ पाठ से उद्धृत लेखक का यह कथन वर्तमान परिस्थितियों में कहाँ तक सत्य है? क्या आप इससे सहमत हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×