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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −जब व्यवहारिकता का बखान होने लगता है तब 'प्रेक्टिकल आइडियालिस्टों' के जीवन से आदर्श धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हैं और उनकी व्यवहारिक सूझ-बूझ ही आगे आने लगती है?

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Question

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 
जब व्यवहारिकता का बखान होने लगता है तब 'प्रेक्टिकल आइडियालिस्टों' के जीवन से आदर्श धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हैं और उनकी व्यवहारिक सूझ-बूझ ही आगे आने लगती है?

One Line Answer
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Solution

व्यावहारिक आदर्शवाद वास्तव में व्यवहारिकता ही है। वह केवल हानि-लाभ तथा अवसरवादिता का ही दूसरा नाम है।

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पतझर में टूटी पत्तियाँ
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Chapter 2.7: पतझर में टूटी पत्तियाँ - लिखित (ग) [Page 123]

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NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
Chapter 2.7 पतझर में टूटी पत्तियाँ
लिखित (ग) | Q 2 | Page 123

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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए
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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 
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आपके दवारा इस पाठ्यक्रम में पढ़े गए पाठ में चैन भरे पल बिताने के लिए लेखक ने क्या किया? क्या वास्तव में सभी को इसकी आवश्यकता है? अपने विचार व्यक्त कीजिए।


‘झेन की देन’ पाठ के आधार पर बताइए कि पर्णकुटी में चाय पीने के बाद लेखक ने स्वयं में क्या-क्या परिवर्तन महसूस किए?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60-70 शब्दों में लिखिए:

"हमारे सामने जो वर्तमान क्षण है वही सत्य है। उसी में जीना चाहिए।" ‘झेन की देन’ पाठ से उद्धृत लेखक का यह कथन वर्तमान परिस्थितियों में कहाँ तक सत्य है? क्या आप इससे सहमत हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।


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