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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −जब व्यवहारिकता का बखान होने लगता है तब 'प्रेक्टिकल आइडियालिस्टों' के जीवन से आदर्श धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हैं और उनकी व्यवहारिक सूझ-बूझ ही आगे आने लगती है?

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प्रश्न

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −
जब व्यवहारिकता का बखान होने लगता है तब 'प्रेक्टिकल आइडियालिस्टों' के जीवन से आदर्श धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हैं और उनकी व्यवहारिक सूझ-बूझ ही आगे आने लगती है?

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

व्यावहारिक आदर्शवाद वास्तव में व्यवहारिकता ही है। वह केवल हानि-लाभ तथा अवसरवादिता का ही दूसरा नाम है।

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पतझर में टूटी पत्तियाँ
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अध्याय 2.7: पतझर में टूटी पत्तियाँ - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ १०३]

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एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
अध्याय 2.7 पतझर में टूटी पत्तियाँ
प्रश्न-अभ्यास | Q (ग) I. 2. | पृष्ठ १०३

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