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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −जब व्यवहारिकता का बखान होने लगता है तब 'प्रेक्टिकल आइडियालिस्टों' के जीवन से आदर्श धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हैं और उनकी व्यवहारिक सूझ-बूझ ही आगे आने लगती है?

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प्रश्न

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 
जब व्यवहारिकता का बखान होने लगता है तब 'प्रेक्टिकल आइडियालिस्टों' के जीवन से आदर्श धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हैं और उनकी व्यवहारिक सूझ-बूझ ही आगे आने लगती है?

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

व्यावहारिक आदर्शवाद वास्तव में व्यवहारिकता ही है। वह केवल हानि-लाभ तथा अवसरवादिता का ही दूसरा नाम है।

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पतझर में टूटी पत्तियाँ
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अध्याय 2.7: पतझर में टूटी पत्तियाँ - लिखित (ग) [पृष्ठ १२३]

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एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 [English] Class 10
अध्याय 2.7 पतझर में टूटी पत्तियाँ
लिखित (ग) | Q 2 | पृष्ठ १२३

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