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प्रश्न
निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −
जब व्यवहारिकता का बखान होने लगता है तब 'प्रेक्टिकल आइडियालिस्टों' के जीवन से आदर्श धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हैं और उनकी व्यवहारिक सूझ-बूझ ही आगे आने लगती है?
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उत्तर
व्यावहारिक आदर्शवाद वास्तव में व्यवहारिकता ही है। वह केवल हानि-लाभ तथा अवसरवादिता का ही दूसरा नाम है।
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