हिंदी

प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट’ किन्हें कहा गया है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट’ किन्हें कहा गया है?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

प्रैक्टिकल आइडियालस्टि वे हैं, जो अपने आदर्शों में व्यावहारिकता रूपी ताँबे का मेल करते हैं और चलाकर दिखाते हैं। वे आदर्श और व्यावहारिकता का समन्वय करके चलते हैं।

shaalaa.com
पतझर में टूटी पत्तियाँ
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.7: पतझर में टूटी पत्तियाँ - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
अध्याय 2.7 पतझर में टूटी पत्तियाँ
अतिरिक्त प्रश्न | Q 3

संबंधित प्रश्न

प्रेक्टिकल आइडियालिस्ट किसे कहते हैं?


लेखक ने जापानियों के दिमाग में 'स्पीड' का इंजन लगने की बात क्यों कही है?


जापान में जहाँ चाय पिलाई जाती है, उस स्थान की क्या विशेषता है?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए
शुद्ध आदर्श की तुलना सोने से और व्यावहारिकता की तुलना ताँबे से क्यों की गई है?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए
चाय पीने के बाद लेखक ने स्वयं में क्या परिवर्तन महसूस किया?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए
आपके विचार से कौन-से ऐसे मूल्य हैं जो शाश्वत हैं? वर्तमान समय में इन मूल्यों की प्रांसगिकता स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए
'शुद्ध सोने में ताबे की मिलावट या ताँबें में सोना', गाँधीजी के आदर्श और व्यवहार के संदर्भ में यह बात किस तरह झलकती है? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 
जब व्यवहारिकता का बखान होने लगता है तब 'प्रेक्टिकल आइडियालिस्टों' के जीवन से आदर्श धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हैं और उनकी व्यवहारिक सूझ-बूझ ही आगे आने लगती है?


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 
हमारे जीवन की रफ़्तार बढ़ गई है। यहाँ कोई चलता नहीं बल्कि दौड़ता है। कोई बोलता नहीं, बकता है। हम जब अकेले पड़ते हैं तब अपने आपसे लगातार बड़बड़ाते रहते हैं।


‘व्यवहारवाद’ समाज के लिए किस प्रकार हानिकारी है?


‘टी-सेरेमनी’ की चाय का लेखक पर क्या असर हुआ?


‘जीना इसी का नाम है’ लेखक ने ऐसा किस स्थिति को कहा है?


भारत में भी लोगों की जिंदगी की गतिशीलता में खूब वृद्धि हुई है। इसके कारण और परिणाम का उल्लेख ‘झेन की देन’ पाठ के आधार पर कीजिए।


‘झेन की देन’ पाठ से आपको क्या संदेश मिलता है?


मृगाक्षी एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में मैनेजर के पद पर आसीन है। श्रेष्ठ संचालन व बहुमुखी प्रतिभा की धनी होने के साथ ही बुद्धिमानी से तथ्यों को सुलझाने और सभी कार्यों को व्यवस्थित करने में उसका कोई सानी नहीं। वह रात-दिन काम में जुटी रहती है। कंपनी के स्तर को बढ़ाने के लिए सदैव प्रयासरत रहती है। कुछ दिनों से उसके सिर में दर्द रहने लगा है तथा नींद भी ठीक से नहीं आती है। ज़रा-ज़रा सी बात में चिड़चिड़ापन होता है तथा अक्सर उदासी उसे घेरे रहती है।

इसका क्या कारण हो सकता है? 'पतझर में टूटी पत्तियाँ पाठ में 'झेन की देन' हमें जो सीख प्रदान करती है, क्या वह मृगाक्षी के लिए सही साबित हो सकती है? स्थिति का मूल्यांकन करते हुए अपने विचार लिखिए।


‘झेन की देन’ पाठ के आधार पर बताइए कि पर्णकुटी में चाय पीने के बाद लेखक ने स्वयं में क्या-क्या परिवर्तन महसूस किए?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60-70 शब्दों में लिखिए:

"हमारे सामने जो वर्तमान क्षण है वही सत्य है। उसी में जीना चाहिए।" ‘झेन की देन’ पाठ से उद्धृत लेखक का यह कथन वर्तमान परिस्थितियों में कहाँ तक सत्य है? क्या आप इससे सहमत हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।


गद्य खंड पर आधारित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

गाँधी जी के बारे में लोग क्या कहते थे, गाँधी जी ने सदा क्या प्रयास किया? 'गिन्‍नी का सोना' पाठ के संदर्भ में लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×