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‘व्यवहारवाद’ समाज के लिए किस प्रकार हानिकारी है?

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प्रश्न

‘व्यवहारवाद’ समाज के लिए किस प्रकार हानिकारी है?

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उत्तर

‘व्यवहारवाद’ अर्थात् ‘लाभ-हानि’ की गणना करके किया गया व्यवहार। इसे अवसरवादिता भी कहा जा सकता है। मनुष्य जब अपने लाभ, उन्नति और भलाई के लिए आदर्शों को त्याग दे तब मानवीय मूल्यों का पतन हो जाता है। ऐसा व्यवहारवाद समाज को पतनोन्मुख बनाता है।

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