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गांधी जी प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट थे। स्पष्ट कीजिए।

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प्रश्न

गांधी जी प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट थे। स्पष्ट कीजिए।

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उत्तर

गांधी जी भली-भाँति जानते थे कि शुद्ध आदर्शों को आचरण में नहीं लगाया जा सकता है फिर भी उनकी दृष्टि आदर्श से हटी नहीं। उन्होंने अपने आदर्शों से समझौता किए बिना व्यावहारिक आदर्शवाद को अपनाया तथा मर्यादित एवं श्रेष्ठ व्यवहार करते हुए जीवन बिताया।

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पतझर में टूटी पत्तियाँ
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अध्याय 2.7: पतझर में टूटी पत्तियाँ - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
अध्याय 2.7 पतझर में टूटी पत्तियाँ
अतिरिक्त प्रश्न | Q 4

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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए
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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 
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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 
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इसका क्या कारण हो सकता है? 'पतझर में टूटी पत्तियाँ पाठ में 'झेन की देन' हमें जो सीख प्रदान करती है, क्या वह मृगाक्षी के लिए सही साबित हो सकती है? स्थिति का मूल्यांकन करते हुए अपने विचार लिखिए।


‘झेन की देन’ पाठ के आधार पर बताइए कि पर्णकुटी में चाय पीने के बाद लेखक ने स्वयं में क्या-क्या परिवर्तन महसूस किए?


वर्तमान समाज में मौजूद शाश्वत मूल्य किसकी देन हैं?


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