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‘झेन की देन’ पाठ से आपको क्या संदेश मिलता है? - Hindi Course - B

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प्रश्न

‘झेन की देन’ पाठ से आपको क्या संदेश मिलता है?

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उत्तर

‘झेन की देन’ पाठ हमें अत्यधिक व्यस्त जीवनशैली और उसके दुष्परिणामों से अवगत कराता है। पाठ में जापानियों की व्यस्त दिनचर्या से उत्पन्न मनोरोग की चर्चा करते हुए वहाँ की ‘टी-सेरेमनी’ के माध्यम से मानसिक तनाव से मुक्त होने का संकेत करते हुए यह संदेश दिया है कि अधिक तनाव मनुष्य को पागल बना देता है। इससे बचने का उपाय है मन को शांत रखना। बीते दिनों और भविष्य की कल्पनाओं को भूलकर वर्तमान की वास्तविकता में जीना और वर्तमान का भरपूर आनंद लेना। इसके मन से चिंता, तनाव और अधिक काम की बोझिलता हटाना आवश्यक है ताकि शांति एवं चैन से जीवन कटे।

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पतझर में टूटी पत्तियाँ
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.7: पतझर में टूटी पत्तियाँ - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 2 Class 10
अध्याय 2.7 पतझर में टूटी पत्तियाँ
अतिरिक्त प्रश्न | Q 12

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इसका क्या कारण हो सकता है? 'पतझर में टूटी पत्तियाँ पाठ में 'झेन की देन' हमें जो सीख प्रदान करती है, क्या वह मृगाक्षी के लिए सही साबित हो सकती है? स्थिति का मूल्यांकन करते हुए अपने विचार लिखिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60-70 शब्दों में लिखिए:

"हमारे सामने जो वर्तमान क्षण है वही सत्य है। उसी में जीना चाहिए।" ‘झेन की देन’ पाठ से उद्धृत लेखक का यह कथन वर्तमान परिस्थितियों में कहाँ तक सत्य है? क्या आप इससे सहमत हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।


वर्तमान समाज में मौजूद शाश्वत मूल्य किसकी देन हैं?


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