मराठी

‘झेन की देन’ पाठ से आपको क्या संदेश मिलता है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

‘झेन की देन’ पाठ से आपको क्या संदेश मिलता है?

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

‘झेन की देन’ पाठ हमें अत्यधिक व्यस्त जीवनशैली और उसके दुष्परिणामों से अवगत कराता है। पाठ में जापानियों की व्यस्त दिनचर्या से उत्पन्न मनोरोग की चर्चा करते हुए वहाँ की ‘टी-सेरेमनी’ के माध्यम से मानसिक तनाव से मुक्त होने का संकेत करते हुए यह संदेश दिया है कि अधिक तनाव मनुष्य को पागल बना देता है। इससे बचने का उपाय है मन को शांत रखना। बीते दिनों और भविष्य की कल्पनाओं को भूलकर वर्तमान की वास्तविकता में जीना और वर्तमान का भरपूर आनंद लेना। इसके मन से चिंता, तनाव और अधिक काम की बोझिलता हटाना आवश्यक है ताकि शांति एवं चैन से जीवन कटे।

shaalaa.com
पतझर में टूटी पत्तियाँ
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.7: पतझर में टूटी पत्तियाँ - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 [English] Class 10
पाठ 2.7 पतझर में टूटी पत्तियाँ
अतिरिक्त प्रश्न | Q 12

संबंधित प्रश्‍न

लेखक ने जापानियों के दिमाग में 'स्पीड' का इंजन लगने की बात क्यों कही है?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए
शुद्ध आदर्श की तुलना सोने से और व्यावहारिकता की तुलना ताँबे से क्यों की गई है?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए
चाजीन ने कौन-सी क्रियाएँ गरिमापूर्ण ढंग से पूरी कीं?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए
'शुद्ध सोने में ताबे की मिलावट या ताँबें में सोना', गाँधीजी के आदर्श और व्यवहार के संदर्भ में यह बात किस तरह झलकती है? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए
'गिरगिट' कहानी में आपने समाज में व्याप्त अवसरानुसार अपने व्यवहार को पल-पल में बदल डालने की एक बानगी देखी। इस पाठ के अंश 'गिन्नी का सोना' का संदर्भ में स्पष्ट कीजिए कि 'आदर्शवादिता' और 'व्यवहारिकता' इनमें से जीवन में किसका महत्व है?


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 
जब व्यवहारिकता का बखान होने लगता है तब 'प्रेक्टिकल आइडियालिस्टों' के जीवन से आदर्श धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हैं और उनकी व्यवहारिक सूझ-बूझ ही आगे आने लगती है?


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 
हमारे जीवन की रफ़्तार बढ़ गई है। यहाँ कोई चलता नहीं बल्कि दौड़ता है। कोई बोलता नहीं, बकता है। हम जब अकेले पड़ते हैं तब अपने आपसे लगातार बड़बड़ाते रहते हैं।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 
सभी क्रियाएँ इतनी गरिमापूर्ण ढंग से कीं कि उसकी हर भंगिमा से लगता था मानो जयजयवंती के सुर गूँज रहे हों।


गांधी जी के आदर्शों पर आधारित पुस्तकें पढ़िए; जैसे- महात्मा गांधी द्वारा रचित ‘सत्य के प्रयोग’ और गिरिराज किशोर द्वारा रचित उपन्यास ‘गिरमिटिया’।


पाठ में वर्णित ‘टी-सेरेमनी’ का शब्द चित्र प्रस्तुत कीजिए।


गिन्नी के सोने का अधिक उपयोग क्यों किया जाता है?


व्यवहारवादी लोगों की क्या विशेषताएँ हैं?


समाज के उत्थान में आदर्शवादियों का योगदान स्पष्ट कीजिए।


‘व्यवहारवाद’ समाज के लिए किस प्रकार हानिकारी है?


‘टी-सेरेमनी’ की चाय का लेखक पर क्या असर हुआ?


भारत में भी लोगों की जिंदगी की गतिशीलता में खूब वृद्धि हुई है। इसके कारण और परिणाम का उल्लेख ‘झेन की देन’ पाठ के आधार पर कीजिए।


भ्रमण हम सभी के जीवन का अभिन्‍न अंग है। अपनी व्यस्ततम दिनचर्या के बीच चैन से भरे कुछ पल शायद हम इसी प्रकार निकाल सकते हैं। शांत वातावरण मैं अपने तथा अपनों के लिए जीवन व्यतीत करना आवश्यक है।

आपके दवारा इस पाठ्यक्रम में पढ़े गए पाठ में चैन भरे पल बिताने के लिए लेखक ने क्या किया? क्या वास्तव में सभी को इसकी आवश्यकता है? अपने विचार व्यक्त कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60-70 शब्दों में लिखिए:

"हमारे सामने जो वर्तमान क्षण है वही सत्य है। उसी में जीना चाहिए।" ‘झेन की देन’ पाठ से उद्धृत लेखक का यह कथन वर्तमान परिस्थितियों में कहाँ तक सत्य है? क्या आप इससे सहमत हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।


गद्य खंड पर आधारित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

गाँधी जी के बारे में लोग क्या कहते थे, गाँधी जी ने सदा क्या प्रयास किया? 'गिन्‍नी का सोना' पाठ के संदर्भ में लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×