Advertisements
Advertisements
प्रश्न
वर्तमान समाज में मौजूद शाश्वत मूल्य किसकी देन हैं?
पर्याय
व्यवहारवादी व्यक्तियों की
आदर्शवादी व्यक्तियों की
प्रैक्टिकल आइडियालिस्टों की
स्वतंत्रता सेनानियों की
Advertisements
उत्तर
आदर्शवादी व्यक्तियों की
व्याख्या:
आदर्शवादिता जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है। व्यावहारिकता के साथ यदि हम आदर्शों का पालन करते हैं, तो हमारे व्यवहार की सार्थकता होती है। इससे स्पष्ट है कि समाज के पास जो शाश्वत मूल्य हैं, वे आदर्शवादी लोगों के ध्यानवानी हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए−
शुद्ध आदर्श की तुलना सोने से और व्यावहारिकता की तुलना ताँबे से क्यों की गई है?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए−
चाजीन ने कौन-सी क्रियाएँ गरिमापूर्ण ढंग से पूरी कीं?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए−
'टी-सेरेमनी' में कितने आदमियों को प्रवेश दिया जाता था और क्यों?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए−
चाय पीने के बाद लेखक ने स्वयं में क्या परिवर्तन महसूस किया?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए−
'गिरगिट' कहानी में आपने समाज में व्याप्त अवसरानुसार अपने व्यवहार को पल-पल में बदल डालने की एक बानगी देखी। इस पाठ के अंश 'गिन्नी का सोना' का संदर्भ में स्पष्ट कीजिए कि 'आदर्शवादिता' और 'व्यवहारिकता' इनमें से जीवन में किसका महत्व है?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए−
लेखक के मित्र ने मानसिक रोग के क्या-क्या कारण बताए? आप इन कारणों से कहाँ तक सहमत हैं?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए−
लेखक के अनुसार सत्य केवल वर्तमान है, उसी में जीना चाहिए। लेखक ने ऐसा क्यों कहा होगा? स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −
समाज के पास अगर शाश्वत मुल्यों जैसा कुछ है तो वह आर्दशवादी लोगों का ही दिया हुआ है।
निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −
सभी क्रियाएँ इतनी गरिमापूर्ण ढंग से कीं कि उसकी हर भंगिमा से लगता था मानो जयजयवंती के सुर गूँज रहे हों।
शुद्ध सोने का उपयोग कम किया जाता है, क्यों?
गिन्नी के सोने का अधिक उपयोग क्यों किया जाता है?
प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट’ किन्हें कहा गया है?
व्यवहारवादी लोगों की क्या विशेषताएँ हैं?
‘व्यवहारवाद’ समाज के लिए किस प्रकार हानिकारी है?
‘जीना इसी का नाम है’ लेखक ने ऐसा किस स्थिति को कहा है?
‘झेन की देन’ पाठ के आधार पर बताइए कि पर्णकुटी में चाय पीने के बाद लेखक ने स्वयं में क्या-क्या परिवर्तन महसूस किए?
गद्य खंड पर आधारित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
गाँधी जी के बारे में लोग क्या कहते थे, गाँधी जी ने सदा क्या प्रयास किया? 'गिन्नी का सोना' पाठ के संदर्भ में लिखिए।
