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प्रश्न
गद्य खंड पर आधारित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
गाँधी जी के बारे में लोग क्या कहते थे, गाँधी जी ने सदा क्या प्रयास किया? 'गिन्नी का सोना' पाठ के संदर्भ में लिखिए।
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उत्तर
'गिन्नी का सोना' पाठ के संदर्भ में, महात्मा गांधी को लोग 'प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट' के रूप में याद करते थे। उनकी इस पहचान के पीछे कारण था उनकी व्यावहारिकता और आदर्शों के प्रति अटूट समर्पण। गांधीजी ने हमेशा यह प्रयास किया कि आदर्शों को जीवन में उतारा जा सके, लेकिन एक व्यावहारिक ढंग से जो लोगों के लिए सुलभ और समझने योग्य हो। उन्होंने कभी भी आदर्शों को व्यावहारिकता के स्तर पर नहीं उतारा; बल्कि, व्यावहारिकता को आदर्शों के स्तर पर उठाया।
गांधीजी ने ताँबे में सोना मिलाकर उसकी कीमत बढ़ाई, न कि सोने में ताँबा मिलाकर। यह दर्शाता है कि कैसे उन्होंने व्यावहारिकता के माध्यम से आदर्शों की गरिमा को बढ़ाया और उन्हें सामान्य जन के लिए अधिक स्वीकार्य बनाया। उनका जीवन यह सिखाता है कि कैसे आदर्शवाद और व्यावहारिकता मिलकर एक सामाजिक परिवर्तन की नींव रख सकते हैं।
गांधीजी का यह प्रयास समाज में एक उदाहरण बन गया कि कैसे आदर्शों को साकार किया जा सकता है, बिना उन्हें हवाई या अव्यावहारिक बनाए। उनका जीवन दर्शाता है कि कैसे व्यावहारिक सूझ-बूझ के साथ आदर्शों को ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
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