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‘झेन की देन’ पाठ के आधार पर बताइए कि पर्णकुटी में चाय पीने के बाद लेखक ने स्वयं में क्या-क्या परिवर्तन महसूस किए?

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प्रश्न

‘झेन की देन’ पाठ के आधार पर बताइए कि पर्णकुटी में चाय पीने के बाद लेखक ने स्वयं में क्या-क्या परिवर्तन महसूस किए?

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

पर्णकुटी में चाय पीने के बाद लेखक ने अनुभव किया कि उसके दिमाग की रफ्तार धीमी हो गई है, लगभग बंद-सी हो गई है। उसे लगा वह अनंतकाल में जी रहा है, यहाँ तक कि उसे सन्नाटा भी स्पष्ट सुनाई देने लगा। चाय पीते-पीते उसके दिमाग से भूत और भविष्य दोनों काल उड़ गए तथा कुछ देर बाद जैसे दिमाग बिल्कुल बंद हो गया। केवल वर्तमान क्षण उसके सामने था और वह अनंतकाल जितना विस्तृत था।

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पतझर में टूटी पत्तियाँ
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2021-2022 (March) Delhi Set 1

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इसका क्या कारण हो सकता है? 'पतझर में टूटी पत्तियाँ पाठ में 'झेन की देन' हमें जो सीख प्रदान करती है, क्या वह मृगाक्षी के लिए सही साबित हो सकती है? स्थिति का मूल्यांकन करते हुए अपने विचार लिखिए।


भ्रमण हम सभी के जीवन का अभिन्‍न अंग है। अपनी व्यस्ततम दिनचर्या के बीच चैन से भरे कुछ पल शायद हम इसी प्रकार निकाल सकते हैं। शांत वातावरण मैं अपने तथा अपनों के लिए जीवन व्यतीत करना आवश्यक है।

आपके दवारा इस पाठ्यक्रम में पढ़े गए पाठ में चैन भरे पल बिताने के लिए लेखक ने क्या किया? क्या वास्तव में सभी को इसकी आवश्यकता है? अपने विचार व्यक्त कीजिए।


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