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प्रश्न
‘झेन की देन’ पाठ के आधार पर बताइए कि पर्णकुटी में चाय पीने के बाद लेखक ने स्वयं में क्या-क्या परिवर्तन महसूस किए?
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उत्तर
पर्णकुटी में चाय पीने के बाद लेखक ने अनुभव किया कि उसके दिमाग की रफ्तार धीमी हो गई है, लगभग बंद-सी हो गई है। उसे लगा वह अनंतकाल में जी रहा है, यहाँ तक कि उसे सन्नाटा भी स्पष्ट सुनाई देने लगा। चाय पीते-पीते उसके दिमाग से भूत और भविष्य दोनों काल उड़ गए तथा कुछ देर बाद जैसे दिमाग बिल्कुल बंद हो गया। केवल वर्तमान क्षण उसके सामने था और वह अनंतकाल जितना विस्तृत था।
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