मराठी

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60-70 शब्दों में लिखिए: 'हमारे सामने जो वर्तमान क्षण है वही सत्य है। उसी में जीना चाहिए।' - Hindi Course - B

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60-70 शब्दों में लिखिए:

"हमारे सामने जो वर्तमान क्षण है वही सत्य है। उसी में जीना चाहिए।" ‘झेन की देन’ पाठ से उद्धृत लेखक का यह कथन वर्तमान परिस्थितियों में कहाँ तक सत्य है? क्या आप इससे सहमत हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।

थोडक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

लेखक वर्तमान समय को ही वास्तविकता मानते हैं क्योंकि यही हमारे सामने उपस्थित है। उनका कहना है कि भूतकाल गुजर चुका है और उसे वापस नहीं लाया जा सकता, जबकि भविष्य अभी आया नहीं है और उसके बारे में कुछ भी निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। इसलिए, जो वर्तमान में हो रहा है, वही शाश्वत और सत्य है। एक बुद्धिमान व्यक्ति को वर्तमान में जीना चाहिए क्योंकि यही उसे जीवन में सरलता और शांति की ओर ले जाता है। बीते समय की स्मृतियाँ प्रायः दुख: होती हैं, और भविष्य की चिंताएँ भी मानसिक तनाव को बढ़ाती हैं। ऐसे में अतीत और भविष्य में उलझने का कोई लाभ नहीं है। केवल वर्तमान ही ऐसा समय है जिसमें हम अपने अस्तित्व को महसूस कर सकते हैं, जबकि शेष सब एक सपना मात्र है। लेकिन आधुनिक समय में, लोग इतनी व्यस्तता में जीवन जी रहे हैं कि वे अक्सर भविष्य की योजनाएँ बनाते हुए अपने वर्तमान को नजरअंदाज कर देते हैं। यह आदत अनुचित है, और मनुष्य को वर्तमान का आनंद उठाते हुए जीवन जीना चाहिए।

4o
shaalaa.com
पतझर में टूटी पत्तियाँ
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2021-2022 (March) Outside Delhi Set 1

संबंधित प्रश्‍न

पाठ के संदर्भ में शुद्ध आदर्श क्या है?


लेखक ने जापानियों के दिमाग में 'स्पीड' का इंजन लगने की बात क्यों कही है?


जापानी में चाय पीने की विधि को क्या कहते हैं?


जापान में जहाँ चाय पिलाई जाती है, उस स्थान की क्या विशेषता है?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए
चाजीन ने कौन-सी क्रियाएँ गरिमापूर्ण ढंग से पूरी कीं?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए
चाय पीने के बाद लेखक ने स्वयं में क्या परिवर्तन महसूस किया?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए
आपके विचार से कौन-से ऐसे मूल्य हैं जो शाश्वत हैं? वर्तमान समय में इन मूल्यों की प्रांसगिकता स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए
'शुद्ध सोने में ताबे की मिलावट या ताँबें में सोना', गाँधीजी के आदर्श और व्यवहार के संदर्भ में यह बात किस तरह झलकती है? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 
जब व्यवहारिकता का बखान होने लगता है तब 'प्रेक्टिकल आइडियालिस्टों' के जीवन से आदर्श धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हैं और उनकी व्यवहारिक सूझ-बूझ ही आगे आने लगती है?


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 
हमारे जीवन की रफ़्तार बढ़ गई है। यहाँ कोई चलता नहीं बल्कि दौड़ता है। कोई बोलता नहीं, बकता है। हम जब अकेले पड़ते हैं तब अपने आपसे लगातार बड़बड़ाते रहते हैं।


गांधी जी प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट थे। स्पष्ट कीजिए।


समाज के उत्थान में आदर्शवादियों का योगदान स्पष्ट कीजिए।


‘व्यवहारवाद’ समाज के लिए किस प्रकार हानिकारी है?


‘टी-सेरेमनी’ की चाय का लेखक पर क्या असर हुआ?


‘जीना इसी का नाम है’ लेखक ने ऐसा किस स्थिति को कहा है?


भारत में भी लोगों की जिंदगी की गतिशीलता में खूब वृद्धि हुई है। इसके कारण और परिणाम का उल्लेख ‘झेन की देन’ पाठ के आधार पर कीजिए।


भ्रमण हम सभी के जीवन का अभिन्‍न अंग है। अपनी व्यस्ततम दिनचर्या के बीच चैन से भरे कुछ पल शायद हम इसी प्रकार निकाल सकते हैं। शांत वातावरण मैं अपने तथा अपनों के लिए जीवन व्यतीत करना आवश्यक है।

आपके दवारा इस पाठ्यक्रम में पढ़े गए पाठ में चैन भरे पल बिताने के लिए लेखक ने क्या किया? क्या वास्तव में सभी को इसकी आवश्यकता है? अपने विचार व्यक्त कीजिए।


वर्तमान समाज में मौजूद शाश्वत मूल्य किसकी देन हैं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×