Advertisements
Advertisements
प्रश्न
भ्रमण हम सभी के जीवन का अभिन्न अंग है। अपनी व्यस्ततम दिनचर्या के बीच चैन से भरे कुछ पल शायद हम इसी प्रकार निकाल सकते हैं। शांत वातावरण मैं अपने तथा अपनों के लिए जीवन व्यतीत करना आवश्यक है।
आपके दवारा इस पाठ्यक्रम में पढ़े गए पाठ में चैन भरे पल बिताने के लिए लेखक ने क्या किया? क्या वास्तव में सभी को इसकी आवश्यकता है? अपने विचार व्यक्त कीजिए।
Advertisements
उत्तर
भ्रमण एक प्रकार का योग है, जो हमारे तन और मन को स्वस्थ रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि हम नियमित रूप से भ्रमण करें तो हम अनेक बीमारियों से दूर रहते हुए एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन व्यतीत कर सकते हैं। भ्रमण के दौरान एक-एक कदम बढ़ाते हुए हम हर पल को महसूस करते हैं और अपने आप से मुलाकात कर पाते हैं। आज की व्यस्त दिनचर्या में इस प्रकार के चैन भरे पल मिल जाएँ, तो वह हमें ताजगी से भर देते हैं।
हमारे पाठ्यक्रम के पाठ ‘झेन की देन’ में लेखक ‘रविंद्र केलेकर’ ने जापान की एक विशेष प्रकार की टी सेरेमनी का अनुभव किया था। वह ध्यान की एक पारंपारिक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से जापान के लोग आज भी अपनी तनाव भरी दिनचर्या में से कुछ चैन भरे पल पा लेते हैं और खुद को फिर से संघर्ष करने के लिए तैयार करते हैं। इस तरह के पल अपने लिए निकालना निस्संदेह आज की बड़ी आवश्यकताओं में से एक है, क्योंकि हमारे पास अनगिनत सुख साधन हों, किंतु मन और मस्तिष्क शांति और सुकून का अनुभव न कर सके, तो हम किसी अन्य साधन का लाभ नहीं उठा सकते।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
शुद्ध सोना और गिन्नी का सोना अलग क्यों होता है?
पाठ के संदर्भ में शुद्ध आदर्श क्या है?
जापानी में चाय पीने की विधि को क्या कहते हैं?
जापान में जहाँ चाय पिलाई जाती है, उस स्थान की क्या विशेषता है?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए−
शुद्ध आदर्श की तुलना सोने से और व्यावहारिकता की तुलना ताँबे से क्यों की गई है?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए−
चाजीन ने कौन-सी क्रियाएँ गरिमापूर्ण ढंग से पूरी कीं?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए−
'टी-सेरेमनी' में कितने आदमियों को प्रवेश दिया जाता था और क्यों?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए−
अपने जीवन की किसी ऐसी घटना का उल्लेख कीजिए जब−
(1) शुद्ध आदर्श से आपको हानि-लाभ हुआ हो।
(2) शुद्ध आदर्श में व्यावहारिकता का पुट देने से लाभ हुआ हो।
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए−
'शुद्ध सोने में ताबे की मिलावट या ताँबें में सोना', गाँधीजी के आदर्श और व्यवहार के संदर्भ में यह बात किस तरह झलकती है? स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए−
लेखक के मित्र ने मानसिक रोग के क्या-क्या कारण बताए? आप इन कारणों से कहाँ तक सहमत हैं?
निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −
समाज के पास अगर शाश्वत मुल्यों जैसा कुछ है तो वह आर्दशवादी लोगों का ही दिया हुआ है।
गांधी जी के आदर्शों पर आधारित पुस्तकें पढ़िए; जैसे- महात्मा गांधी द्वारा रचित ‘सत्य के प्रयोग’ और गिरिराज किशोर द्वारा रचित उपन्यास ‘गिरमिटिया’।
लेखक के मित्र के अनुसार जापानी किस रोग से पीड़ित हैं और क्यों?
‘टी-सेरेमनी’ की चाय का लेखक पर क्या असर हुआ?
भारत में भी लोगों की जिंदगी की गतिशीलता में खूब वृद्धि हुई है। इसके कारण और परिणाम का उल्लेख ‘झेन की देन’ पाठ के आधार पर कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60-70 शब्दों में लिखिए:
"हमारे सामने जो वर्तमान क्षण है वही सत्य है। उसी में जीना चाहिए।" ‘झेन की देन’ पाठ से उद्धृत लेखक का यह कथन वर्तमान परिस्थितियों में कहाँ तक सत्य है? क्या आप इससे सहमत हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।
वर्तमान समाज में मौजूद शाश्वत मूल्य किसकी देन हैं?
