English

लक्ष्मीबाई के समय में ज्यादा लड़कियाँ ‘वीरांगना’ नहीं हुई क्योंकि लड़ना उनका काम नहीं माना जाता था। भारतीय सेनाओं में अब क्या स्थिति है? पता करो।

Advertisements
Advertisements

Question

लक्ष्मीबाई के समय में ज्यादा लड़कियाँ ‘वीरांगना’ नहीं हुई क्योंकि लड़ना उनका काम नहीं माना जाता था। भारतीय सेनाओं में अब क्या स्थिति है? पता करो।

One Line Answer
Advertisements

Solution

लक्ष्मीबाई के समय की तुलना में आजकल लड़कियाँ बड़ी संख्या में भारतीय सेना का हिस्सा हैं। यद्यपि आज के समय को देखते हुए यह स्थिति संतोषजनक नहीं कही जा सकती, फिर भी उस समय की तुलना में यह बेहतर है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 6)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 10: झाँसी की रानी - खोजबीन [Page 78]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 1 Class 6
Chapter 10 झाँसी की रानी
खोजबीन | Q 2 | Page 78

RELATED QUESTIONS

कविता के आधार पर चिड़िया के स्वभाव का वर्णन कीजिए।


चिड़िया अपना जीवन कैसे व्यतीत करती है?


‘आप पहने हुए हैं कुल आकाश’ के माध्यम से लड़की कहना चाहती है कि-
(क) चाँद तारों से जड़ी हुई चादर ओढ़कर बैठा है।
(ख) चाँद की पोशाक चारों दिशाओं में फैली हुई है।
तुम किसे सही मानते हो ?


बहुवैकल्पिक प्रश्न

चाँद ने क्या पहना है?


चाँद की पोशाक की क्या विशेषता है?


कविता में किस दौर की बात है? कविता से उस समय के माहौल के बारे में क्या पता चलता है?


बहुविकल्पीय प्रश्न
नाना साहब कहाँ के रहने वाले थे?


ब्रिटिश सरकार ने झाँसी के दुर्ग पर झंडा क्यों फहराया?


बहुविकल्पीय प्रश्न

“मैं सबसे छोटी होऊँ’ कविता किसके द्वारा लिखी गई है?


बहुविकल्पीय प्रश्न

बड़ी बनने का क्या नुकसान है?


बालिका क्या नहीं छोड़ना चाहती?


माँ बच्चों को किस प्रकार छलती है?


माँ के आँचल की छाया दुनिया की सबसे सुरक्षित स्थान है। कैसे?


बहुविकल्पी प्रश्न

पर्नकुटी किस चीज़ से बनती है?


वन गमन के समय सीता ने राम से क्या पूछा?


राम ने रुककर क्या किया?


राम ने रुककर क्या किया?


इस कविता के अंत में कवि माँ से चंद्रोदय दिखा देने की बात क्यों कर रहा है? चाँद के उदित होने की कल्पना करो और अपनी कक्षा में बताओ।


नगर से बाहर निकलकर दो पग चलने के बाद सीता की क्या दशा हुई?


दोनों सवैयों के प्रसंगों में अंतर स्पष्ट करो।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×