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Question
चिड़िया अपना जीवन कैसे व्यतीत करती है?
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Solution
चिड़िया अपना जीवन प्रेम, उमंग और संतोष के साथ व्यतीत करती है। वह सबसे प्रेम करती है। एकांत में भी उमंग से रहती है। वह संतोषी है। वह थोड़े में ही संतोष करती है। आजाद होने की वजह से वह मीठे स्वर में गाती है। उसका स्वर बहुत मीठा है। वह गाते और उड़ते हुए अपना पूरा जीवन व्यतीत करती है।
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नीचे कुछ पक्षियों के नाम दिए गए हैं। उनमें यदि कोई पक्षी एक से अधिक रंग का है तो लिखो, कि उसके किस हिस्से का रंग कैसा है। जैसे तोते की चोंच लाल है, शरीर हरा है।
- मैना
- कौआ
- बैतखे
- कबूतर
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
चिड़िया को किन चीज़ों से प्यार है?
चिड़िया के गायन की विशेषताएँ लिखिए।
‘आप पहने हुए हैं कुल आकाश’ के माध्यम से लड़की कहना चाहती है कि-
(क) चाँद तारों से जड़ी हुई चादर ओढ़कर बैठा है।
(ख) चाँद की पोशाक चारों दिशाओं में फैली हुई है।
तुम किसे सही मानते हो ?
- गोल-मटोल
- गोरा-चिट्ठा
कविता में आए शब्दों के इन जोड़ों में अंतर यह है कि चिट्ठा का अर्थ सफ़ेद है और गोरा से मिलता-जुलता है जबकि मटोल अपने-आप में कोई शब्द नहीं है। यह शब्द 'मोटा' से बना है।
ऐसे चार-चार शब्द युग्म सोचकर लिखो और उनका वाक्यों में प्रयोग करो।
ताकि, जबकि, चूँकि, हालाँकि-कविता की जिन पंक्तियों में ये शब्द आए हैं, उन्हें ध्यान से पढ़ो। ये शब्द दो वाक्यों को जोड़ने का काम करते हैं। इन शब्दों का प्रयोग करते हुए दो-दो वाक्य बनाओ।
गप्प, गप-शप, गप्पबाज़ी क्या इन शब्दों के अर्थ में अंतर है? तुम्हें क्या लगता है? लिखो।
बहुवैकल्पिक प्रश्न
“चाँद से थोड़ी-सी गप्पें’ कविता के कवि कौन हैं?
बहुविकल्पीय प्रश्न
‘झाँसी की रानी’ कविता किसने लिखी है?
अंग्रेज़ों ने भारत के किन-किन क्षेत्रों पर अधिकार कर लिया था?
बहुविकल्पीय प्रश्न
“मैं सबसे छोटी होऊँ’ कविता किसके द्वारा लिखी गई है?
बहुविकल्पी प्रश्न
राम की आँखों में आँसू क्यों आ गए?
कविता में ‘ऐसी बड़ी न होऊँ मैं क्यों कहा गया है? क्या तुम भी हमेशा छोटे बने रहना पसंद करोगे?
आशय स्पष्ट करो-
हाथ पकड़ फिर सदा हमारे
साथ नहीं फिरती दिन-रात !
अपने छुटपन में बच्चे अपनी माँ के बहुत करीब होते हैं। इस कविता में नज़दीकी की कौन-कौन सी स्थितियाँ बताई। गई हैं?
उन क्रियाओं को गिनाओ जो इसे कविता में माँ अपनी बच्ची या बच्चे के लिए करती है।
इस कविता के अंत में कवि माँ से चंद्रोदय दिखा देने की बात क्यों कर रहा है? चाँद के उदित होने की कल्पना करो और अपनी कक्षा में बताओ।
नगर से बाहर निकलकर दो पग चलने के बाद सीता की क्या दशा हुई?
गर्मी के दिनों में कच्ची सड़क की तपती धूल में नंगे पाँव चलने पर पाँव जलते हैं। ऐसी स्थिति में पेड़ की छाया में खड़ा होने और पाँव धो लेने पर बड़ी राहत मिलती है। ठीक वैसे ही जैसे प्यास लगने पर पानी मिल जाय और भूख लगने पर भोजन। तुम्हें भी किसी वस्तु की आवश्यकता हुई होगी और वह कुछ समय बाद पूरी हो गई होगी। तुम सोचकर लिखो कि आवश्यकता पूरी होने के पहले तक तुम्हारे मन की दशा कैसी थी?
मिट्टी का गहरा अंधकार, डूबा है उसमें एक बीज ।” उसमें एक बीज डूबा है।
जब हम किसी बात को कविता में कहते हैं तो वाक्य के शब्दों के क्रम में बदलाव | आता है, जैसे-“छाँह घरीक है ठाढ़े” को गद्य में ऐसे लिखा जा सकता है। “छाया में एक घड़ी खड़ा होकर” । उदाहरण के आधार पर नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को गद्य के शब्दक्रम में लिखो।
–पुर ते निकसी रघुबीर-बधू,
–पुट सूखि गए मधुराधर वै।
–बैठि बिलंब लौं कंटक काढ़े।
–पर्नकुटी करिहौं कित है?
