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Question
चिड़िया किससे प्यार करती है और क्यों?
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Solution
इस छोटी चिड़िया को अन्न से प्यार है। यह जुडी के दाने बड़े मन से खाती है। उसे विजन से प्यार है। उसे नदी से भी प्यार है। एकांत जंगल में वह मधुर स्वर में गाती है। वह उफनती नदी की बीच धारा से जल की बूंदें अपनी चोंच में लेकर उड़ जाती है।
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RELATED QUESTIONS
इस कविता के आधार पर बताओ कि चिड़िया को किन-किन चीज़ों से प्यार है?
कवि ने नीली चिड़िया का नाम नहीं बताया है। वह कौन सी चिड़िया रही होगी? इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए पक्षी-विज्ञानी सालिम अली की पुस्तक ‘भारतीय पक्षी’ देखो। इनमें ऐसे पक्षी भी शामिल हैं जो जाड़े में एशिया के उत्तरी भाग और अन्य ठंडे देशों से भारत आते हैं। उनकी पुस्तक को देखकर तुम अनुमान लगा सकते हो कि इस कविता में वर्णित नीली चिड़िया शायद इनमें से कोई एक रही होगी-
नीलकंठ
छोटा किलकिला
कबूतर
बड़ा पतरिंगा
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
चिड़िया को पसंद है-
कविता के आधार पर चिड़िया के स्वभाव का वर्णन कीजिए।
चिड़िया अपना जीवन कैसे व्यतीत करती है?
ताकि, जबकि, चूँकि, हालाँकि-कविता की जिन पंक्तियों में ये शब्द आए हैं, उन्हें ध्यान से पढ़ो। ये शब्द दो वाक्यों को जोड़ने का काम करते हैं। इन शब्दों का प्रयोग करते हुए दो-दो वाक्य बनाओ।
बहुविकल्पीय प्रश्न
सबसे छोटी होने की कामना क्यों की गई है?
बहुविकल्पीय प्रश्न
बड़ी बनने का क्या नुकसान है?
बालिका क्या नहीं छोड़ना चाहती?
कविता में बच्ची छोटी क्यों बनी रहना चाहती है?
कविता में ‘ऐसी बड़ी न होऊँ मैं’ क्यों कहा गया है?
माँ बच्चों को किस प्रकार छलती है?
बड़े होने पर हम कैसे माँ से अलग हो जाते हैं?
माँ के आँचल की छाया दुनिया की सबसे सुरक्षित स्थान है। कैसे?
बहुविकल्पी प्रश्न
राम और सीता के साथ कौन बन गया?
कविता में सबसे छोटे होने की कल्पना क्यों की गई है?
उन क्रियाओं को गिनाओ जो इसे कविता में माँ अपनी बच्ची या बच्चे के लिए करती है।
नीचे दिए गए शब्दों में अंतर बताओ, उनमें क्या फ़र्क है?
- स्नेह – प्रेम
- ग्रह – गृह
- शांति – सन्नाटा
- निधन – निर्धन
- धूल – राखे
- समान – सामान
नगर से बाहर निकलकर दो पग चलने के बाद सीता की क्या दशा हुई?
गर्मी के दिनों में कच्ची सड़क की तपती धूल में नंगे पाँव चलने पर पाँव जलते हैं। ऐसी स्थिति में पेड़ की छाया में खड़ा होने और पाँव धो लेने पर बड़ी राहत मिलती है। ठीक वैसे ही जैसे प्यास लगने पर पानी मिल जाय और भूख लगने पर भोजन। तुम्हें भी किसी वस्तु की आवश्यकता हुई होगी और वह कुछ समय बाद पूरी हो गई होगी। तुम सोचकर लिखो कि आवश्यकता पूरी होने के पहले तक तुम्हारे मन की दशा कैसी थी?
