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Question
कविता के आधार पर चिड़िया के स्वभाव का वर्णन कीजिए।
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Solution
इस कविता में नीले पंखोंवाली एक छोटी-सी चिड़िया का वर्णन है। इस चिड़िया का स्वभाव संतोषी है। थोड़े से दाने इसके लिए पर्याप्त हैं। यह मुँह बोली है। यह एकांत में उमंग से गाती है। यह गरबीली भी है। इसे अपने साहस और हिम्मत पर गर्व है।
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कविता का हर बंध ‘वह चिड़िया जो-‘ से शुरू होता है और मुझे बहुत प्यार है’ पर खत्म होता है। तुम भी इन। पंक्तियों का प्रयोग करते हुए अपनी कल्पना से कविता में कुछ नए बंध जोड़ो।
तुम भी ऐसी कल्पना कर सकते हो कि ‘वह फूल का पौधा जो-पीली पंखुड़ियों वाला-महक रहा है-मैं हूँ।’ उसकी विशेषताएँ मुझ में हैं…। फूल के बदले वह कोई दूसरी चीज़ भी हो सकती है जिसकी विशेषताओं की गिनाते हुए तुम उसी चीज़ से अपनी समानता बता सकते हो … ऐसी कल्पना के आधार पर कुछ पंक्तियाँ लिखो।
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
चिड़िया को पसंद है-
चिड़िया किससे प्यार करती है और क्यों?
‘आप पहने हुए हैं कुल आकाश’ के माध्यम से लड़की कहना चाहती है कि-
(क) चाँद तारों से जड़ी हुई चादर ओढ़कर बैठा है।
(ख) चाँद की पोशाक चारों दिशाओं में फैली हुई है।
तुम किसे सही मानते हो ?
नयी कविता में तुक या छंद के बदले बिंब का प्रयोग अधिक होता है। बिंब वह तसवीर होती है जो शब्दों को पढ़ते समय हमारे मन में उभरती है। कई बार कुछ कवि शब्दों की ध्वनि की मदद से ऐसी तसवीर बनाते हैं और कुछ कवि अक्षरों या शब्दों को इस तरह छापने पर बल देते हैं कि उनसे कई चित्र हमारे मन में बनें। इस कविता के अंतिम हिस्से में चाँद को एकदम गोल बताने के लिए कवि ने बि ल कु ल शब्द के अक्षरों को अलग-अलग करके लिखा है। तुम इस कविता के और किन शब्दों को चित्र की आकृति देना चाहोगे? ऐसे शब्दों को अपने ढंग से लिखकर दिखाओ।
- पृथ्वी के चारों ओर परिभ्रमण करते हुए चंद्रमा भी पृथ्वी के साथ-साथ सूर्य का परिभ्रमण करता है। इन्हीं दोनों परिभ्रमणों से वर्ष और मास की गणनाएँ होती हैं। सामान्यतः तीस दिनों के महीने होते हैं जिन्हें चन्द्रमा की वार्षिक गति को बारह महीनों में विभाजित करके निर्धारित किया जाता है। तीस दिनों में पंद्रह-पंद्रह दिनों के दो पक्ष होते हैं। जिन पन्द्रह दिनों में चंद्रमा बढ़ते-बढ़ते पूर्णिमा तक पहुँचता है, उसे शुक्लपक्ष और जिन पंद्रह दिनों में चंद्रमा घटते-घटते अमावस्या तक जाता है, उसे कृष्णपक्ष कहते हैं। इसी तरह एक वर्ष के बारह महीनों में छह-छह माह के दो अयन होते हैं। जिन छह महीनों में मौसम का तापमान बढ़ता है, उसे उत्तरायण और जिन छह महीनों में मौसम का तापमान घटता है, उसे दक्षिणायन कहते हैं। संवत् के बारह महीनों के नाम इस प्रकार हैं-चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ, फाल्गुन।
- अंग्रेजी कैलेंडर की वार्षिक गणना सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के परिभ्रमण की अवधि के अनुसार तीन सौ पैंसठ दिनों की होती है। इसके महीनों की गणना पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा के परिभ्रमण पर आधारित नहीं है। इसमें वर्ष के तीन सौ पैंसठ दिनों को ही बारह महीनों में विभाजित किया गया है। इस कैलेंडर के सभी महीने तीस-तीस दिन के नहीं होते। अप्रैल, नवंबर, जून, सितंबर-इनके हैं दिन तीस। फरवरी है अट्ठाइस दिन की, बाकी सब इकत्तीस।
- नीचे दो प्रकार के कैलेंडर दिए गए हैं। इन्हें देखो और प्रश्नों के उत्तर दो।

(क) ऊपर दिए गए कैलेंडरों में से किस कैलेंडर में चंद्रमा के अनुसार महीने के दिन दिए गए हैं?
(ख) दिए गए दोनों कैलेंडरों के अंतर स्पष्ट करो।
(ग) कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष का क्या अर्थ होता है?
बहुवैकल्पिक प्रश्न
“चाँद से थोड़ी-सी गप्पें’ कविता के कवि कौन हैं?
चाँद की पोशाक की क्या विशेषता है?
झाँसी की रानी के जीवन की कहानी अपने शब्दों में लिखो और यह भी बताओ कि उनका बचपन तुम्हारे बचपन से कैसे अलग था?
बहुविकल्पीय प्रश्न
रानी लक्ष्मीबाई किसकी मुँहबोली बहन थी?
ब्रिटिश सरकार ने झाँसी के दुर्ग पर झंडा क्यों फहराया?
बालिका क्या नहीं छोड़ना चाहती?
माँ के आँचल की छाया दुनिया की सबसे सुरक्षित स्थान है। कैसे?
राम और सीता कहाँ जाने के लिए निकले थे?
वन के मार्ग में सीता को होने वाली कठिनाईयों के बारे में लिखो।
कविता में ‘ऐसी बड़ी न होऊँ मैं क्यों कहा गया है? क्या तुम भी हमेशा छोटे बने रहना पसंद करोगे?
उन क्रियाओं को गिनाओ जो इसे कविता में माँ अपनी बच्ची या बच्चे के लिए करती है।
मिट्टी का गहरा अंधकार, डूबा है उसमें एक बीज ।” उसमें एक बीज डूबा है।
जब हम किसी बात को कविता में कहते हैं तो वाक्य के शब्दों के क्रम में बदलाव | आता है, जैसे-“छाँह घरीक है ठाढ़े” को गद्य में ऐसे लिखा जा सकता है। “छाया में एक घड़ी खड़ा होकर” । उदाहरण के आधार पर नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को गद्य के शब्दक्रम में लिखो।
–पुर ते निकसी रघुबीर-बधू,
–पुट सूखि गए मधुराधर वै।
–बैठि बिलंब लौं कंटक काढ़े।
–पर्नकुटी करिहौं कित है?
