English

कविता पढ़कर तुम्हारे मन में चिड़िया का जो चित्र उभरता है उस चित्र को कागज़ पर बनाओ।

Advertisements
Advertisements

Question

कविता पढ़कर तुम्हारे मन में चिड़िया का जो चित्र उभरता है उस चित्र को कागज़ पर बनाओ।

One Line Answer
Advertisements

Solution

कविता को पढ़ो और अपनी कल्पना से चित्र बनाओ। जैसे- दाना चुगती, दूध पीती, कटोरे में मुँह डालती चिड़िया आदि।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 6)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1: वह चिड़िया जो - कविता से [Page 2]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 1 Class 6
Chapter 1 वह चिड़िया जो
कविता से | Q 1 | Page 2

RELATED QUESTIONS

आशय स्पष्ट करो
चढ़ी नदी का दिल टटोलकर
जल का मोती ले जाती है।


चाँद संज्ञा है। चाँदनी रात में चाँदनी विशेषण है।
नीचे दिए गए विशेषणों को ध्यान से देखो और बताओ कि-
(क) कौन-सा प्रत्यय जुड़ने पर विशेषण बन रहे हैं।
(ख) इन विशेषणों के लिए एक-एक उपयुक्त संज्ञा भी लिखो-
गुलाबी पगड़ी
मखमली घास
कीमती गहने
ठंडी रात
जंगली फुल
कश्मीरी भाषा


  • पृथ्वी के चारों ओर परिभ्रमण करते हुए चंद्रमा भी पृथ्वी के साथ-साथ सूर्य का परिभ्रमण करता है। इन्हीं दोनों परिभ्रमणों से वर्ष और मास की गणनाएँ होती हैं। सामान्यतः तीस दिनों के महीने होते हैं जिन्हें चन्द्रमा की वार्षिक गति को बारह महीनों में विभाजित करके निर्धारित किया जाता है। तीस दिनों में पंद्रह-पंद्रह दिनों के दो पक्ष होते हैं। जिन पन्द्रह दिनों में चंद्रमा बढ़ते-बढ़ते पूर्णिमा तक पहुँचता है, उसे शुक्लपक्ष और जिन पंद्रह दिनों में चंद्रमा घटते-घटते अमावस्या तक जाता है, उसे कृष्णपक्ष कहते हैं। इसी तरह एक वर्ष के बारह महीनों में छह-छह माह के दो अयन होते हैं। जिन छह महीनों में मौसम का तापमान बढ़ता है, उसे उत्तरायण और जिन छह महीनों में मौसम का तापमान घटता है, उसे दक्षिणायन कहते हैं। संवत् के बारह महीनों के नाम इस प्रकार हैं-चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ, फाल्गुन।
  • अंग्रेजी कैलेंडर की वार्षिक गणना सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के परिभ्रमण की अवधि के अनुसार तीन सौ पैंसठ दिनों की होती है। इसके महीनों की गणना पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा के परिभ्रमण पर आधारित नहीं है। इसमें वर्ष के तीन सौ पैंसठ दिनों को ही बारह महीनों में विभाजित किया गया है। इस कैलेंडर के सभी महीने तीस-तीस दिन के नहीं होते। अप्रैल, नवंबर, जून, सितंबर-इनके हैं दिन तीस। फरवरी है अट्ठाइस दिन की, बाकी सब इकत्तीस।
  • नीचे दो प्रकार के कैलेंडर दिए गए हैं। इन्हें देखो और प्रश्नों के उत्तर दो।

(क) ऊपर दिए गए कैलेंडरों में से किस कैलेंडर में चंद्रमा के अनुसार महीने के दिन दिए गए हैं?
(ख) दिए गए दोनों कैलेंडरों के अंतर स्पष्ट करो।
(ग) कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष का क्या अर्थ होता है?


बहुवैकल्पिक प्रश्न

चाँद से गप्पें कौन लड़ा रहा है?


बहुवैकल्पिक प्रश्न

चाँद ने क्या पहना है?


बहुवैकल्पिक प्रश्न

“चाँद से थोड़ी-सी गप्पें’ कविता के कवि कौन हैं?


नीचे लिखे वाक्यांशों (वाक्य के हिस्सों) को पढो

झाँसी की रानी
मिट्टी का घरौंदा
प्रेमचंद की कहानी
पेड़ की छाया
ढाक के तीन पात
नहाने का साबुन
मील का पत्थर
रेशमा के बच्चे।
बनारस के आम
का, के और की दो संज्ञाओं का संबंध बताते हैं। ऊपर दिए गए वाक्यांशों में अलग-अलग जगह इन तीनों का प्रयोग हुआ है। ध्यान से पढ़ो और कक्षा में
बताओ कि का, के और की का प्रयोग कहाँ और क्यों हो रहा है? ।


बहुविकल्पीय प्रश्न
‘झाँसी की रानी’ कविता किसने लिखी है?


बहुविकल्पीय प्रश्न
कवयित्री ने झाँसी की रानी की कथा किसके मुँह से सुनी थी?


बहुविकल्पीय प्रश्न

सबसे छोटी होने की कामना क्यों की गई है?


बहुविकल्पीय प्रश्न

बड़ी बनने का क्या नुकसान है?


बालिका क्या नहीं छोड़ना चाहती?


कविता में बच्ची छोटी क्यों बनी रहना चाहती है?


प्रथम सवैया में कवि ने राम-सीता के किस प्रसंग का वर्णन किया है?


राम ने रुककर क्या किया?


इस कविता के अंत में कवि माँ से चंद्रोदय दिखा देने की बात क्यों कर रहा है? चाँद के उदित होने की कल्पना करो और अपनी कक्षा में बताओ।


नीचे दिए गए शब्दों में अंतर बताओ, उनमें क्या फ़र्क है?

  • स्नेह – प्रेम
  • ग्रह – गृह
  • शांति – सन्नाटा
  • निधन – निर्धन
  • धूल – राखे
  • समान – सामान

गर्मी के दिनों में कच्ची सड़क की तपती धूल में नंगे पाँव चलने पर पाँव जलते हैं। ऐसी स्थिति में पेड़ की छाया में खड़ा होने और पाँव धो लेने पर बड़ी राहत मिलती है। ठीक वैसे ही जैसे प्यास लगने पर पानी मिल जाय और भूख लगने पर भोजन। तुम्हें भी किसी वस्तु की आवश्यकता हुई होगी और वह कुछ समय बाद पूरी हो गई होगी। तुम सोचकर लिखो कि आवश्यकता पूरी होने के पहले तक तुम्हारे मन की दशा कैसी थी?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×