Advertisements
Advertisements
Question
चिड़िया के माध्यम से कवि हमें क्या संदेश देना चाहते हैं?
Advertisements
Solution
कवि चिड़िया के माध्यम से खुशी से जीने का संदेश हमें देते हैं। चिड़िया के माध्यम से हमें सीख मिलती है कि हमें थोड़े में ही संतोष करना चाहिए। इस कविता में अकेले रहकर भी उमंग से जीने का संदेश दिया गया है। इसके साथ ही कवि हमें बताते हैं कि विपरीत परिस्थितियों में भी हमें साहस नहीं खोना चाहिए। हमें अपनी क्षमता को भी पहचानना चाहिए।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
इस कविता के आधार पर बताओ कि चिड़िया को किन-किन चीज़ों से प्यार है?
आशय स्पष्ट करो
रस उँडेलकर गा लेती है।
कविता का हर बंध ‘वह चिड़िया जो-‘ से शुरू होता है और मुझे बहुत प्यार है’ पर खत्म होता है। तुम भी इन। पंक्तियों का प्रयोग करते हुए अपनी कल्पना से कविता में कुछ नए बंध जोड़ो।
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
चिड़िया के पंख के रंग कैसे हैं?
नयी कविता में तुक या छंद के बदले बिंब का प्रयोग अधिक होता है। बिंब वह तसवीर होती है जो शब्दों को पढ़ते समय हमारे मन में उभरती है। कई बार कुछ कवि शब्दों की ध्वनि की मदद से ऐसी तसवीर बनाते हैं और कुछ कवि अक्षरों या शब्दों को इस तरह छापने पर बल देते हैं कि उनसे कई चित्र हमारे मन में बनें। इस कविता के अंतिम हिस्से में चाँद को एकदम गोल बताने के लिए कवि ने बि ल कु ल शब्द के अक्षरों को अलग-अलग करके लिखा है। तुम इस कविता के और किन शब्दों को चित्र की आकृति देना चाहोगे? ऐसे शब्दों को अपने ढंग से लिखकर दिखाओ।
बहुवैकल्पिक प्रश्न
चाँद से गप्पें कौन लड़ा रहा है?
वीर महिला की इस कहानी में कौन-कौन से पुरुषों के नाम आए हैं? इतिहास की कुछ अन्य वीर स्त्रियों की कहानियाँ खोजो।
बहुविकल्पीय प्रश्न
नाना साहब कहाँ के रहने वाले थे?
डलहौज़ी प्रसन्न क्यों था?
भारतीयों ने अंग्रेजों को दूर करने का निश्चय क्यों किया था?
बहुविकल्पीय प्रश्न
बच्ची किसके साथ रहने के लिए बड़ी नहीं होना चाहती?
बचपन सुहाना क्यों होता है?
बहुविकल्पी प्रश्न
रघुबीर की वधू कौन थी?
बहुविकल्पी प्रश्न
राम की आँखों में आँसू क्यों आ गए?
प्रथम सवैया में कवि ने राम-सीता के किस प्रसंग का वर्णन किया है?
यह क्यों कहा गया है कि बड़ा बनाकर माँ बच्चे को छलती है?
‘अब और कितनी दूर चलना है, पर्नकुटी कहाँ बनाइएगा’-किसने, किससे पूछा और क्यों ?
राम ने थकी हुई सीता की क्या सहायता की?
लखि – देखकर
धरि – रखकर
पोंछि – पोंछकर
जानि – जानकर
ऊपर लिखे शब्दों और उनके अर्थों को ध्यान से देखो। हिन्दी में जिस उद्देश्य | के लिए हम क्रिया में ‘कर’ जोड़ते हैं, उसी के लिए अवधी में क्रिया में ि (इ) को जोड़ा जाता है, जैसे-अवधी में बैठ + ि = बैठि और हिंदी में बैठ + कर = बैठकर। तुम्हारी भाषा या बोली में क्या होता है? अपनी भाषा के लिए छह शब्द लिखो। उन्हें ध्यान से देखो और कक्षा में सुनाओ।
