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Question
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Solution
शरद ऋतु के वर्णन में विभिन्न कवियों ने अलग-अलग चित्र प्रस्तुत किए हैं। तुलसीदास की रचना में शरद ऋतु में खंजन पक्षियों के आगमन का सुंदर चित्रण मिलता है, जो प्रकृति के शुभ संकेतों को दर्शाता है। जायसी की रचनाओं में शरद ऋतु के समय चाँदनी रात, चंद्रमा और आकाश की सुंदरता का काव्यात्मक वर्णन किया गया है।
वहीं ‘पतंग’ कविता में शरद ऋतु का चित्रण एक अलग रूप में किया गया है, जहाँ सुबह का वातावरण और बच्चों द्वारा पतंग उड़ाने का दृश्य प्रमुख है।
इस प्रकार तीनों रचनाओं में शरद ऋतु का वर्णन अलग-अलग दृष्टिकोण से किया गया है।
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RELATED QUESTIONS
‘सबसे तेज़ बौछारें गयीं, भादों गया’ के बाद प्रकृति में जो परिवर्तन कवि ने दिखाया है, उसका वर्णन अपने शब्दों में करें।
बिंब स्पष्ट करें-
सबसे तेज़ बौछारें गयीं भादो गया
सवेरा हुआ
खरगोश की आँखों जैसा लाल सवेरा
शरद आया पुलों को पार करते हुए
अपनी नयी चमकीली साइकिल तेज़ चलाते हुए
घंटी बजाते हुए ज़ोर-ज़ोर से
चमकीले इशारों से बुलाते हुए और
आकाश को इतना मुलायम बनाते हुए
कि पतंग ऊपर उठ सके।
जन्म से ही वे अपने साथ लाते हैं कपास- कपास के बारे में सोचें कि कपास से बच्चों का क्या संबंध बन सकता है।
‘पतंगों के साथ-साथ वे भी उड़ रहे हैं’- बच्चों का उड़ान से कैसा संबंध बनता है?
आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों को देखकर आपके मन में कैसे खयाल आते हैं? लिखिए।
‘महज़ एक धागे के सहारे, पतंगों की धड़कती ऊँचाइयाँ’ उन्हें (बच्चों को) कैसे थाम लेती हैं? चर्चा करें।
आपके जीवन में शरद ऋतु क्या मायने रखती है?
पतंग का चित्र बनाओ |
अब कविता बनाएँ
सर-सर सर-सर उड़ी पतंग
घंटी बोली ______ ______ ______
उड़ता कपड़ा ______ ______ ______
______ ______ खन-खन-खन
तुम पतंग के साथ सैर-सापटे पर गईं। वहाँ तुमने क्या क्या देखा?
पतंग कटकर कहाँ-कहाँ गिर सकती है?
कागज़ से कुत्ता बनाओ |
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|
ओखली
| ओ | ख | ली |

पतंग
| प | तं | ग |

चाबी
| चा | बी |

खरगोश
| ख | र | गो | श |

डाकिया
| डा | कि | या |

शलगम
| श | ल | ग | म |

- श्यामपट पर पतंग लिखें और उसका चित्र दिखाते हुए विद्यार्थियों से बार-बार बुलवाएँ।
- इसी तरह ओखली, खरगोश, चाबी, डाकिया, शलगम के चित्र दिखाएँ। वर्णों की अलग-अलग पहचान करवाते हुए बार-बार बुलवाएँ।
पहचानो और बोलो
| श | ड | ओ | च | ख | |
| खरगोश | डाकिया | चाबी | ओखली | शलगम | पतंग |
सुनो और बोलो
| अंग | अंदर | काका | खाक | चिमनी |
| शबनम | शंख | बंदर | चाचा | डाक |
| खिड़की | शरबत | गंगा | पतंग | आशा |
| खीर | गलीचा | शलगम | पंपा | चंदन |
| शीशा | चोर | बगीचा | सरकस | लंका |
| मंगल | शाखा | मोर | शिकारी | सरगम |
| शंका | शंकर | काशी | शोर | किनारी |
नीचे दिए गए वर्णों को लिखने का अभ्यास करो।
| औ | ![]() |
| ख | ![]() |
| च | ![]() |
| ड | ![]() |
| श | ![]() |
रेखा खींचकर शब्द और चित्र का मिलान करो।
![]() |
टमाटर | ![]() |
![]() |
शलगम | ![]() |
| मोर | ![]() |
|
| चाबी | ||
| डाकिया | ||
| खरगोश |
फिर अध्यापक केवल आधा वाक्य बोलें और विद्यार्थी उसे पूरा करके दोहराएँ।
अध्यापक:
लीला रमेश की ______ है।
फिर अध्यापक केवल आधा वाक्य बोलें और विद्यार्थी उसे पूरा करके दोहराएँ।
अध्यापक:
साड़ी ______ है।
फिर अध्यापक केवल आधा वाक्य बोलें और विद्यार्थी उसे पूरा करके दोहराएँ।
अध्यापक:
चाची जी का मकान ______ है।
फिर अध्यापक केवल आधा वाक्य बोलें और विद्यार्थी उसे पूरा करके दोहराएँ।
अध्यापक:
आसमान ______ होता है।
वस्तुओं/चित्रों को दिखाते हुए अध्यापक प्रश्न पूछें और विद्यार्थी उत्तर दें।
अध्यापक:
कोयल काली होती है?
वस्तुओं/चित्रों को दिखाते हुए अध्यापक प्रश्न पूछें और विद्यार्थी उत्तर दें।
अध्यापक:
टमाटर नीला होता है?
वस्तुओं/चित्रों को दिखाते हुए अध्यापक प्रश्न पूछें और विद्यार्थी उत्तर दें।
अध्यापक:
आसमान हरा है?
वस्तुओं/चित्रों को दिखाते हुए अध्यापक प्रश्न पूछें और विद्यार्थी उत्तर दें।
अध्यापक:
मोर नीला होता है?
अध्यापक बोलेंगे और विद्यार्थी दोहराएँगे
पिता जी की अलमारी बड़ी है। चाचा जी की अलमारी नई है।
शीला का कमरा बड़ा है। मोहन का कमरा बड़ा नहीं है।
तोता हरा होता है। कोयल काली होती है।
अनार लाल होता है। पपीता पीला होता है।
आसमान नीला है। बादल काला है।
निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए :-
बारिशों के बाद, भादों के पश्चात प्रकृति में परिवर्तन का कवि ने किस प्रकार वर्णन किया है? पतंग कविता के आधार पर अपने शब्दों में वर्णन करें।















