English

अब कविता बनाएँ सर-सर सर-सर उड़ी पतंग घंटी बोली ______ ______ ______ उड़ता कपड़ा ______ ______ ______ ______ ______ खन-खन-खन - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

Question

अब कविता बनाएँ

सर-सर सर-सर उड़ी पतंग

घंटी बोली ______ ______ ______

उड़ता कपड़ा ______ ______ ______ 

______ ______ खन-खन-खन 

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

सर-सर सर-सर उड़ी पतंग

घंटी बोली टन-टन-टन मुझे से खेलो तुम हरदम

उड़ता कपड़ा फर-फर-फर लहराए हवा में फर

बजती चूड़ी  खन-खन-खन 

shaalaa.com
पतंग
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 11: पतंग - पतंग [Page 77]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Rimjhim Class 1
Chapter 11 पतंग
पतंग | Q 2 | Page 77

RELATED QUESTIONS

सोचकर बताएँ कि पतंग के लिए सबसे हलकी और रंगीन चीज़, सबसे पतला कागज़, सबसे पतली कमानी जैसे विशेषणों का प्रयोग क्यों किया है?

बिंब स्पष्ट करें-
सबसे तेज़ बौछारें गयीं भादो गया
सवेरा हुआ
खरगोश की आँखों जैसा लाल सवेरा
शरद आया पुलों को पार करते हुए
अपनी नयी चमकीली साइकिल तेज़ चलाते हुए
घंटी बजाते हुए ज़ोर-ज़ोर से
चमकीले इशारों से बुलाते हुए और
आकाश को इतना मुलायम बनाते हुए
कि पतंग ऊपर उठ सके।


‘पतंगों के साथ-साथ वे भी उड़ रहे हैं’- बच्चों का उड़ान से कैसा संबंध बनता है?


निम्नलिखित पंक्तियों को पढ़ कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

  • छतों को भी नरम बनाते हुए 
    दिशाओं को मृदंग की तरह बजाते हुए
  • अगर वे कभी गिरते हैं छतों के खतरनाक किनारों से और बच जाते हैं तब तो और भी निडर होकर सुनहले सूरज के समान आते हैं।
  1. दिशाओं को मृदंग की तरह बजाने का क्या तात्पर्य है?
  2. जब पतंग सामने हो तो छतों पर दौड़ते हुए क्या आपको छत कठोर लगती है?
  3. खतरनाक परिस्थितियों का सामना करने के बाद आप दुनिया की चुनौतियों के सामने स्वयं को कैसा महसूस करते हैं?

आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों को देखकर आपके मन में कैसे खयाल आते हैं? लिखिए।


हिंदी साहित्य के विभिन्न कालों में तुलसी, जायसी, मतिराम, द्विजदेव, मैथिलीशरण गुप्त आदि कवियों ने भी शरद ऋतु का सुंदर वर्णन किया है। आप उन्हें तलाश कर कक्षा में सुनाएँ और चर्चा करें कि पतंग कविता में शरद ऋतु वर्णन उनसे किस प्रकार भिन्न हैं?

आपके जीवन में शरद ऋतु क्या मायने रखती है?


पतंग कटकर कहाँ-कहाँ गिर सकती है?


ओखली

ली

पतंग

तं

चाबी

चा बी

खरगोश

गो

डाकिया

डा कि या

शलगम

  • श्यामपट पर पतंग लिखें और उसका चित्र दिखाते हुए विद्यार्थियों से बार-बार बुलवाएँ।
  • इसी तरह ओखली, खरगोश, चाबी, डाकिया, शलगम के चित्र दिखाएँ। वर्णों की अलग-अलग पहचान करवाते हुए बार-बार बुलवाएँ।

पहचानो और बोलो

श  ड  ओ  च   
खरगोश डाकिया चाबी ओखली शलगम पतंग

सुनो और बोलो

अंग  अंदर    काका खाक चिमनी
शबनम शंख बंदर चाचा डाक
खिड़की शरबत गंगा पतंग आशा
खीर गलीचा शलगम पंपा चंदन
शीशा चोर बगीचा सरकस लंका
मंगल शाखा मोर शिकारी सरगम
शंका शंकर काशी शोर किनारी

नीचे दिए गए वर्णों को लिखने का अभ्यास करो।

औ 
ख 
 ड 

वस्तुओं/चित्रों को दिखाते हुए अध्यापक प्रश्न पूछें और विद्यार्थी उत्तर दें।

अध्यापक:

आसमान हरा है?


वस्तुओं/चित्रों को दिखाते हुए अध्यापक प्रश्न पूछें और विद्यार्थी उत्तर दें।

अध्यापक:

मोर नीला होता है?


अध्यापक वाक्य बोलेंगे और विद्यार्थी सुनेंगे

यह बढ़िया मकान है। यह लता का घर है।

लता का घर बड़ा है।

वह नई गाड़ी है। वह गोपाल की गाड़ी है।

गोपाल की गाड़ी नई है।

यह नया कमरा है। यह शीला का कमरा है।

शीला का कमरा नया है।

यह अलमारी बड़ी है। यह पिता जी की अलमारी है।

पिता जी की अलमारी बड़ी है।


अध्यापक बोलेंगे और विद्यार्थी दोहराएँगे

पिता जी की अलमारी बड़ी है। चाचा जी की अलमारी नई है।

शीला का कमरा बड़ा है। मोहन का कमरा बड़ा नहीं है।

तोता हरा होता है। कोयल काली होती है।

अनार लाल होता है। पपीता पीला होता है।

आसमान नीला है। बादल काला है।


निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

बारिशों के बाद, भादों के पश्चात प्रकृति में परिवर्तन का कवि ने किस प्रकार वर्णन किया है? पतंग कविता के आधार पर अपने शब्दों में वर्णन करें।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×