English

बिंब स्पष्ट करें- सबसे तेज़ बौछारें गयीं भादो गया सवेरा हुआ खरगोश की आँखों जैसा लाल सवेरा शरद आया पुलों को पार करते हुए अपनी नयी चमकीली साइकिल तेज़ चलाते हुए घंटी बजाते

Advertisements
Advertisements

Question

बिंब स्पष्ट करें-

सबसे तेज़ बौछारें गयीं भादो गया
सवेरा हुआ
खरगोश की आँखों जैसा लाल सवेरा
शरद आया पुलों को पार करते हुए
अपनी नयी चमकीली साइकिल तेज़ चलाते हुए
घंटी बजाते हुए ज़ोर-ज़ोर से
चमकीले इशारों से बुलाते हुए और
आकाश को इतना मुलायम बनाते हुए
कि पतंग ऊपर उठ सके।

Explain
Advertisements

Solution

इस कविता में कवि ने प्रकृति और ऋतुओं को बहुत सुंदर बिंबों के माध्यम से व्यक्त किया है। इनमें दृश्य बिंब और मानवीकरण दोनों प्रमुख हैं।

  • “सबसे तेज़ बौछारें गयीं, भादो गया” - यहाँ वर्षा ऋतु के समाप्त होने का दृश्य बिंब है, जिसमें भारी बारिश के बाद मौसम के बदलने की अनुभूति मिलती है।
  • “खरगोश की आँखों जैसा लाल सवेरा” - यह दृश्य बिंब है, जिसमें सुबह के लाल रंग की तुलना खरगोश की आँखों से की गई है, जिससे दृश्य और अधिक जीवंत हो जाता है।
  • “शरद आया पुलों को पार करते हुए” - यहाँ शरद ऋतु का मानवीकरण किया गया है, मानो वह स्वयं चलकर आ रही हो।
  • “अपनी नयी चमकीली साइकिल तेज़ चलाते हुए” - यह भी मानवीकरण और दृश्य बिंब है, जिससे शरद ऋतु की गति और ताजगी का चित्र उभरता है।
  • “घंटी बजाते हुए ज़ोर-ज़ोर से” - यह श्रव्य बिंब है, जिसमें ध्वनि का अनुभव होता है।
  • “चमकीले इशारों से बुलाते हुए” - इसमें दृश्य बिंब के साथ प्रकृति की आकर्षकता दिखाई देती है।
  • “आकाश को इतना मुलायम बनाते हुए कि पतंग ऊपर उठ सके” - यह भावात्मक और दृश्य बिंब है, जिसमें आकाश को कोमल रूप में प्रस्तुत किया गया है जिससे पतंग उड़ सके।
shaalaa.com
पतंग
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 2: आलोक धन्वा (पतंग) - अभ्यास [Page 13]

APPEARS IN

NCERT Hindi Aaroh Bhag 2 [English] Class 12
Chapter 2 आलोक धन्वा (पतंग)
अभ्यास | Q 3. | Page 13

RELATED QUESTIONS

‘सबसे तेज़ बौछारें गयीं, भादों गया’ के बाद प्रकृति में जो परिवर्तन कवि ने दिखाया है, उसका वर्णन अपने शब्दों में करें।


सोचकर बताएँ कि पतंग के लिए सबसे हलकी और रंगीन चीज़, सबसे पतला कागज़, सबसे पतली कमानी जैसे विशेषणों का प्रयोग क्यों किया है?

जन्म से ही वे अपने साथ लाते हैं कपास- कपास के बारे में सोचें कि कपास से बच्चों का क्या संबंध बन सकता है।


‘पतंगों के साथ-साथ वे भी उड़ रहे हैं’- बच्चों का उड़ान से कैसा संबंध बनता है?


निम्नलिखित पंक्तियों को पढ़ कर प्रश्नों का उत्तर दीजिए।

(क) छतों को भी नरम बनाते हुए
दिशाओं को मृदंग की तरह बजाते हुए

(ख) अगर वे कभी गिरते हैं छतों के खतरनाक किनारों से
और बच जाते हैं तब तो
और भी निडर होकर सुनहले सूरज के समान आते हैं।

  • दिशाओं को मृदंग की तरह बजाने का क्या तात्पर्य है?
  • जब पतंग सामने हो तो छतों पर दौड़ते हुए क्या आपको छत कठोर लगती है?
  • खतरनाक परिस्थितियों का सामना करने के बाद आप दुनिया की चुनौतियों के सामने स्वयं को कैसा महसूस करते हैं?

आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों को देखकर आपके मन में कैसे खयाल आते हैं? लिखिए।


‘रोमांचित शरीर का संगीत’ का जीवन के लय से क्या संबंध है?


‘महज़ एक धागे के सहारे, पतंगों की धड़कती ऊँचाइयाँ’ उन्हें (बच्चों को) कैसे थाम लेती हैं? चर्चा करें।


हिंदी साहित्य के विभिन्न कालों में तुलसी, जायसी, मतिराम, द्विजदेव, मैथिलीशरण गुप्त आदि कवियों ने भी शरद ऋतु का सुंदर वर्णन किया है। आप उन्हें तलाश कर कक्षा में सुनाएँ और चर्चा करें कि पतंग कविता में शरद ऋतु वर्णन उनसे किस प्रकार भिन्न हैं?

पतंग का चित्र बनाओ | 


अब कविता बनाएँ

सर-सर सर-सर उड़ी पतंग

घंटी बोली ______ ______ ______

उड़ता कपड़ा ______ ______ ______ 

______ ______ खन-खन-खन 


तुम पतंग के साथ सैर-सापटे पर गईं। वहाँ तुमने क्या क्या देखा?


पतंग कटकर कहाँ-कहाँ गिर सकती है?


कागज़ से कुत्ता बनाओ | 


ओखली

ली

पतंग

तं

चाबी

चा बी

खरगोश

गो

डाकिया

डा कि या

शलगम

  • श्यामपट पर पतंग लिखें और उसका चित्र दिखाते हुए विद्यार्थियों से बार-बार बुलवाएँ।
  • इसी तरह ओखली, खरगोश, चाबी, डाकिया, शलगम के चित्र दिखाएँ। वर्णों की अलग-अलग पहचान करवाते हुए बार-बार बुलवाएँ।

पहचानो और बोलो

श  ड  ओ  च   
खरगोश डाकिया चाबी ओखली शलगम पतंग

सुनो और बोलो

अंग  अंदर    काका खाक चिमनी
शबनम शंख बंदर चाचा डाक
खिड़की शरबत गंगा पतंग आशा
खीर गलीचा शलगम पंपा चंदन
शीशा चोर बगीचा सरकस लंका
मंगल शाखा मोर शिकारी सरगम
शंका शंकर काशी शोर किनारी

रेखा खींचकर शब्द और चित्र का मिलान करो।

टमाटर
शलगम
  मोर
  चाबी  
  डाकिया  
  खरगोश  

फिर अध्यापक केवल आधा वाक्य बोलें और विद्यार्थी उसे पूरा करके दोहराएँ।

अध्यापक:

लीला रमेश की ______ है।


फिर अध्यापक केवल आधा वाक्य बोलें और विद्यार्थी उसे पूरा करके दोहराएँ।

अध्यापक:

साड़ी ______ है।


फिर अध्यापक केवल आधा वाक्य बोलें और विद्यार्थी उसे पूरा करके दोहराएँ।

अध्यापक:

चाची जी का मकान ______ है।


फिर अध्यापक केवल आधा वाक्य बोलें और विद्यार्थी उसे पूरा करके दोहराएँ।

अध्यापक:

आसमान ______ होता है।


वस्तुओं/चित्रों को दिखाते हुए अध्यापक प्रश्न पूछें और विद्यार्थी उत्तर दें।

अध्यापक:

कोयल काली होती है?


वस्तुओं/चित्रों को दिखाते हुए अध्यापक प्रश्न पूछें और विद्यार्थी उत्तर दें।

अध्यापक:

टमाटर नीला होता है?


वस्तुओं/चित्रों को दिखाते हुए अध्यापक प्रश्न पूछें और विद्यार्थी उत्तर दें।

अध्यापक:

मोर नीला होता है?


अध्यापक वाक्य बोलेंगे और विद्यार्थी सुनेंगे

यह बढ़िया मकान है। यह लता का घर है।

लता का घर बड़ा है।

वह नई गाड़ी है। वह गोपाल की गाड़ी है।

गोपाल की गाड़ी नई है।

यह नया कमरा है। यह शीला का कमरा है।

शीला का कमरा नया है।

यह अलमारी बड़ी है। यह पिता जी की अलमारी है।

पिता जी की अलमारी बड़ी है।


अध्यापक बोलेंगे और विद्यार्थी दोहराएँगे

पिता जी की अलमारी बड़ी है। चाचा जी की अलमारी नई है।

शीला का कमरा बड़ा है। मोहन का कमरा बड़ा नहीं है।

तोता हरा होता है। कोयल काली होती है।

अनार लाल होता है। पपीता पीला होता है।

आसमान नीला है। बादल काला है।


निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

बारिशों के बाद, भादों के पश्चात प्रकृति में परिवर्तन का कवि ने किस प्रकार वर्णन किया है? पतंग कविता के आधार पर अपने शब्दों में वर्णन करें।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×