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Question
सुनो और बोलो
| अंग | अंदर | काका | खाक | चिमनी |
| शबनम | शंख | बंदर | चाचा | डाक |
| खिड़की | शरबत | गंगा | पतंग | आशा |
| खीर | गलीचा | शलगम | पंपा | चंदन |
| शीशा | चोर | बगीचा | सरकस | लंका |
| मंगल | शाखा | मोर | शिकारी | सरगम |
| शंका | शंकर | काशी | शोर | किनारी |
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Solution
विद्यार्थी स्वयं करें।
RELATED QUESTIONS
जन्म से ही वे अपने साथ लाते हैं कपास- कपास के बारे में सोचें कि कपास से बच्चों का क्या संबंध बन सकता है।
‘पतंगों के साथ-साथ वे भी उड़ रहे हैं’- बच्चों का उड़ान से कैसा संबंध बनता है?
‘महज़ एक धागे के सहारे, पतंगों की धड़कती ऊँचाइयाँ’ उन्हें (बच्चों को) कैसे थाम लेती हैं? चर्चा करें।
आपके जीवन में शरद ऋतु क्या मायने रखती है?
पतंग का चित्र बनाओ |
अब कविता बनाएँ
सर-सर सर-सर उड़ी पतंग
घंटी बोली ______ ______ ______
उड़ता कपड़ा ______ ______ ______
______ ______ खन-खन-खन
पतंग कटकर कहाँ-कहाँ गिर सकती है?
कागज़ से कुत्ता बनाओ |
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|
ओखली
| ओ | ख | ली |

पतंग
| प | तं | ग |

चाबी
| चा | बी |

खरगोश
| ख | र | गो | श |

डाकिया
| डा | कि | या |

शलगम
| श | ल | ग | म |

- श्यामपट पर पतंग लिखें और उसका चित्र दिखाते हुए विद्यार्थियों से बार-बार बुलवाएँ।
- इसी तरह ओखली, खरगोश, चाबी, डाकिया, शलगम के चित्र दिखाएँ। वर्णों की अलग-अलग पहचान करवाते हुए बार-बार बुलवाएँ।
पहचानो और बोलो
| श | ड | ओ | च | ख | |
| खरगोश | डाकिया | चाबी | ओखली | शलगम | पतंग |
नीचे दिए गए वर्णों को लिखने का अभ्यास करो।
| औ | ![]() |
| ख | ![]() |
| च | ![]() |
| ड | ![]() |
| श | ![]() |
फिर अध्यापक केवल आधा वाक्य बोलें और विद्यार्थी उसे पूरा करके दोहराएँ।
अध्यापक:
लीला रमेश की ______ है।
फिर अध्यापक केवल आधा वाक्य बोलें और विद्यार्थी उसे पूरा करके दोहराएँ।
अध्यापक:
साड़ी ______ है।
फिर अध्यापक केवल आधा वाक्य बोलें और विद्यार्थी उसे पूरा करके दोहराएँ।
अध्यापक:
चाची जी का मकान ______ है।
वस्तुओं/चित्रों को दिखाते हुए अध्यापक प्रश्न पूछें और विद्यार्थी उत्तर दें।
अध्यापक:
मोर नीला होता है?










