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फूँक का इस्तेमाल चीज़ों को ठंडा करने के लिए भी करते हैं और गर्म करने के लिए भी। दोनों का एक-एक उदाहरण दो। - Environmental Studies (पर्यावरण अध्ययन)

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Question

फूँक का इस्तेमाल चीज़ों को ठंडा करने के लिए भी करते हैं और गर्म करने के लिए भी। दोनों का एक-एक उदाहरण दो।

Short/Brief Note
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Solution

उदाहरण - 1 - फूँक का इस्तेमाल गर्म चाय को ठंढ़ा करने के लिए करते हैं।
उदाहरण - 2 - फूँक का इस्तेमाल ठंढ़ के मौसम में हाथों को गर्म करने के लिए करते हैं।

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उसी से ठंडा उसी से गर्म
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Chapter 15: उसी से ठंडा उसी से गर्म - हम क्या समझे [Page 146]

APPEARS IN

NCERT Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 5
Chapter 15 उसी से ठंडा उसी से गर्म
हम क्या समझे | Q 2 | Page 146

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बालिश्तिये ने जब यह देखा कि लकड़हारा आग सुलगाने के लिए भी और आलू ठंडा करने के लिए भी फूँक रहा था तो उसे बड़ी हैरानी हुई।

क्या तुमने भी कभी सर्दी में अपने हाथों पर फूँक मारी है? कैसा लगता है?


बालिश्तिये ने जब यह देखा कि लकड़हारा आग सुलगाने के लिए भी और आलू ठंडा करने के लिए भी फूँक रहा था तो उसे बड़ी हैरानी हुई।

अगर हाथों को मुँह से थोड़ी दूरी पर रखो, तब भी क्या मुँह से निकली हुई हवा गर्म लगेगी? क्यों?


तुम और क्या-क्या करने के लिए फूँक मारते हो?


चित्र 1 - मिन्नी ने चाय को फूँक मार-मारकर जल्दी से ठंडा किया। तुम्हें क्या लगता है कि मिन्नी की चाय ज़्यादा गर्म होगी या उसकी फूँक की हवा?

 


चित्र 2 - सोनू की ठंड से जान निकल रही थी। इसलिए वह बार-बार अपने हाथों पर फूँक मार रहा था। अब सोचो और लिखो कि सोनू के हाथ ज़्यादा ठंडे होंगे या उसकी फूँक की हवा।

 


नीचे दी गई चीज़ों से आवाज़ें निकालकर देखो। लिखो उनमें से किससे सबसे तेज़ सीटी बजी और किससे सबसे धीरे। आवाज़ की तेज़ी को क्रम में लिखो - 

  • टॉफी की पन्नी से
  • पत्ते से
  • गुब्बारे से
  • पेन के ढक्कन से
  • किसी और चीज़ से

एक स्टील का गिलास लो। उसे मुँह के पास लाकर मुँह खोलकर ज़ोर से साँस छोड़ो। इस तरह दो-तीन बार साँस छोड़कर देखो। क्या गिलास कुछ धुँधला-सा हो गया है?


बैठे-बैठे और कूदने के बाद साँस गिनी तो कितना फ़र्क पाया?


घड़ी की सुई से होती टिक-टिक की आवाज़ तो तुमने सुनी होगी। क्या तुमने कभी सुना या देखा है कि डॉक्टर हमारी छाती पर स्टेथोस्कोप लगाकर हमारी धड़कन सुन सकते हैं? यह आवाज़ कहाँ से आती है? क्या हमारे अंदर भी कोई घड़ी है जो हमेशा धड़कती रहती है?


आओ सुनें अपनी धड़कन-अपने कंधे से कोहनी तक की लंबाई की एक रबड़ पाइप लो। इस पाइप के एक सिरे पर एक कीप लगा दो। अब कीप को अपनी छाती की बाईं ओर रखकर पाइप के दूसरे सिरे को कान में लगाओ। ध्यान से सुनो। क्या धक-धक की आवाज़ सुन पाए?


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