Advertisements
Advertisements
Question
क्या साँप के घूमने से समझ पा रहे हो हवा नीचे से ऊपर या ऊपर से नीचे बह रही है?
Advertisements
Solution
हाँ, साँप घड़ी की दिशा में घूमने से मैं समझ रहा हूँ कि हवा नीचे से ऊपर बह रही है तथा साँप के घड़ी की विपरीत दिशा में घूमने से मैं समझ रहा हूँ कि हवा ऊपर से नीचे बह रही है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
बालिश्तिये ने जब यह देखा कि लकड़हारा आग सुलगाने के लिए भी और आलू ठंडा करने के लिए भी फूँक रहा था तो उसे बड़ी हैरानी हुई।
अपने हाथों को मुँह के पास लाकर ज़ोर से दो-तीन बार फूँक मारो। मुँह से छोड़ी हुई फूँक की हवा आस-पास की हवा के मुकाबले कैसी लगी?
क्या कभी कुछ गर्म खाने या पीने से तुम्हारी जीभ जली है? तुम अपने गर्म खाने को कैसे-कैसे ठंडा करते हो?
चित्र 2 - सोनू की ठंड से जान निकल रही थी। इसलिए वह बार-बार अपने हाथों पर फूँक मार रहा था। अब सोचो और लिखो कि सोनू के हाथ ज़्यादा ठंडे होंगे या उसकी फूँक की हवा।
नीचे दी गई चीज़ों से आवाज़ें निकालकर देखो। लिखो उनमें से किससे सबसे तेज़ सीटी बजी और किससे सबसे धीरे। आवाज़ की तेज़ी को क्रम में लिखो -
- टॉफी की पन्नी से
- पत्ते से
- गुब्बारे से
- पेन के ढक्कन से
- किसी और चीज़ से
क्या तुम ऐसी चीज़ों के नाम बता सकते हो, जिनमें फूँक मारने से सुहावनी आवाज़ निकलती है? उनके नाम लिखो।
एक स्टील का गिलास लो। उसे मुँह के पास लाकर मुँह खोलकर ज़ोर से साँस छोड़ो। इस तरह दो-तीन बार साँस छोड़कर देखो। क्या गिलास कुछ धुँधला-सा हो गया है?
अब अपने स्थान पर तीस बार ऊँचा-ऊँचा कूदो। क्या साँस फूलने लगी?
घड़ी की सुई से होती टिक-टिक की आवाज़ तो तुमने सुनी होगी। क्या तुमने कभी सुना या देखा है कि डॉक्टर हमारी छाती पर स्टेथोस्कोप लगाकर हमारी धड़कन सुन सकते हैं? यह आवाज़ कहाँ से आती है? क्या हमारे अंदर भी कोई घड़ी है जो हमेशा धड़कती रहती है?
आओ सुनें अपनी धड़कन-अपने कंधे से कोहनी तक की लंबाई की एक रबड़ पाइप लो। इस पाइप के एक सिरे पर एक कीप लगा दो। अब कीप को अपनी छाती की बाईं ओर रखकर पाइप के दूसरे सिरे को कान में लगाओ। ध्यान से सुनो। क्या धक-धक की आवाज़ सुन पाए?
अमित खेलते-खेलते दीवार से टकरा गया और उसका माथा झट से सूज गया। दीदी ने तुरंत ही दुपट्टे को तीन-चार बार मोड़कर, उस पर फूँक मारी और अमित के माथे पर रख दिया। सोचो दीदी ने ऐसा क्यों किया होगा?
