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Question
अमित खेलते-खेलते दीवार से टकरा गया और उसका माथा झट से सूज गया। दीदी ने तुरंत ही दुपट्टे को तीन-चार बार मोड़कर, उस पर फूँक मारी और अमित के माथे पर रख दिया। सोचो दीदी ने ऐसा क्यों किया होगा?
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Solution
दीदी ने अपने दुपट्टे को फूँक मारकर गर्म किया तथा उसे अमित के माथे पर रखा ताकि उसे दर्द से आराम हो सके।
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क्या तुम कोई और ऐसी स्थिति सोच सकते हो जब फूँक मारने से गर्मी मिलती है?
बालिश्तिये ने देखा कि लकड़हारा गर्म-गर्म आलू को फूँक मारकर ठंडा कर रहा था। अगर वह बिना फूँक मारे ही गर्म-गर्म आलू को खा लेता तो क्या होता?
तुम और क्या-क्या करने के लिए फूँक मारते हो?
चित्र 2 - सोनू की ठंड से जान निकल रही थी। इसलिए वह बार-बार अपने हाथों पर फूँक मार रहा था। अब सोचो और लिखो कि सोनू के हाथ ज़्यादा ठंडे होंगे या उसकी फूँक की हवा।
क्या तुम ऐसी चीज़ों के नाम बता सकते हो, जिनमें फूँक मारने से सुहावनी आवाज़ निकलती है? उनके नाम लिखो।
एक स्टील का गिलास लो। उसे मुँह के पास लाकर मुँह खोलकर ज़ोर से साँस छोड़ो। इस तरह दो-तीन बार साँस छोड़कर देखो। क्या गिलास कुछ धुँधला-सा हो गया है?
अब गिनो कि एक मिनट में तुमने कितनी बार साँस ली और छोड़ी।
अब फिर अपनी नाक के आगे अँगुली रखकर गिनो कि तुमने एक मिनट में कितनी बार साँस छोड़ी।
बैठे-बैठे और कूदने के बाद साँस गिनी तो कितना फ़र्क पाया?
फूँक का इस्तेमाल चीज़ों को ठंडा करने के लिए भी करते हैं और गर्म करने के लिए भी। दोनों का एक-एक उदाहरण दो।
