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Question
अब अपने स्थान पर तीस बार ऊँचा-ऊँचा कूदो। क्या साँस फूलने लगी?
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Solution
हाँ, साँस फूलने लगी।
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बालिश्तिये ने जब यह देखा कि लकड़हारा आग सुलगाने के लिए भी और आलू ठंडा करने के लिए भी फूँक रहा था तो उसे बड़ी हैरानी हुई।
क्या तुमने भी कभी सर्दी में अपने हाथों पर फूँक मारी है? कैसा लगता है?
बालिश्तिये ने देखा कि लकड़हारा गर्म-गर्म आलू को फूँक मारकर ठंडा कर रहा था। अगर वह बिना फूँक मारे ही गर्म-गर्म आलू को खा लेता तो क्या होता?
अगर रोटी, चावल और दाल बहुत गर्म हैं तो तुम तीनों को किस-किस तरीके से ठंडा करोगे?
तुम और क्या-क्या करने के लिए फूँक मारते हो?
क्या तुम इसी तरह शीशे को भी धुँधला बना सकते हो? शीशे को छूकर पता लगा सकते हो कि यह धुँधलापन किस वजह से है? छोड़ी हुई हवा सूखी है या गीली?
अपने हाथ को अपनी छाती पर रखो। अब साँस भरो। क्या हुआ? छाती अंदर गई या बाहर?
अपनी नाक के आगे अँगुली रखो। क्या तुम नाक से साँस छोड़ते समय हवा को महसूस कर सकते हो?
अब फिर अपनी नाक के आगे अँगुली रखकर गिनो कि तुमने एक मिनट में कितनी बार साँस छोड़ी।
बैठे-बैठे और कूदने के बाद साँस गिनी तो कितना फ़र्क पाया?
घड़ी की सुई से होती टिक-टिक की आवाज़ तो तुमने सुनी होगी। क्या तुमने कभी सुना या देखा है कि डॉक्टर हमारी छाती पर स्टेथोस्कोप लगाकर हमारी धड़कन सुन सकते हैं? यह आवाज़ कहाँ से आती है? क्या हमारे अंदर भी कोई घड़ी है जो हमेशा धड़कती रहती है?
