Advertisements
Advertisements
Question
अपनी नाक के आगे अँगुली रखो। क्या तुम नाक से साँस छोड़ते समय हवा को महसूस कर सकते हो?
Advertisements
Solution
हाँ, मैं नाक से छोड़ते समय हवा को महसूस कर सकता हूँ।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
अगर रोटी, चावल और दाल बहुत गर्म हैं तो तुम तीनों को किस-किस तरीके से ठंडा करोगे?
चित्र 2 - सोनू की ठंड से जान निकल रही थी। इसलिए वह बार-बार अपने हाथों पर फूँक मार रहा था। अब सोचो और लिखो कि सोनू के हाथ ज़्यादा ठंडे होंगे या उसकी फूँक की हवा।
क्या तुमने कभी देखा या सुना है कि लोग अलग-अलग चीज़ों के इस्तेमाल से अलग-अलग तरह का संगीत बजाते हैं। जैसे - बाँसुरी, ढोलक, बीन, मृदंग, गिटारे, आदि। क्या तुम आँखें बंद करके इनकी आवाज़ें पहचान सकते हो? इन सभी चीज़ों के बारे में और बातें पता करो। चित्र भी इकठ्ठे करो।
क्या तुम ऐसी चीज़ों के नाम बता सकते हो, जिनमें फूँक मारने से सुहावनी आवाज़ निकलती है? उनके नाम लिखो।
अपनी छाती का नाप लो - एक लंबी गहरी साँस भरो।
- अपने साथी से कहो कि वह एक धागे से तुम्हारी छाती का नाप ले। नाप ______
- अब साँस छोड़ो और फिर अपने साथी से तुम्हारी छाती नापने को कहो। नाप ______
- क्या छाती के नाप में कुछ फ़र्क आया?
अब गिनो कि एक मिनट में तुमने कितनी बार साँस ली और छोड़ी।
अब अपने स्थान पर तीस बार ऊँचा-ऊँचा कूदो। क्या साँस फूलने लगी?
अब फिर अपनी नाक के आगे अँगुली रखकर गिनो कि तुमने एक मिनट में कितनी बार साँस छोड़ी।
बैठे-बैठे और कूदने के बाद साँस गिनी तो कितना फ़र्क पाया?
अमित खेलते-खेलते दीवार से टकरा गया और उसका माथा झट से सूज गया। दीदी ने तुरंत ही दुपट्टे को तीन-चार बार मोड़कर, उस पर फूँक मारी और अमित के माथे पर रख दिया। सोचो दीदी ने ऐसा क्यों किया होगा?
