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प्रश्न
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए। उसे उचित शीर्षक दीजिए।
गाँव में लड़कियाँ - सभी पढ़ने में होशियार - गाँव में पानी का अभाव - लड़कियों का घर के कामों में सहायता करना - बहुत दूर से पानी लाना - पढ़ाई के लिए कम समय मिलना - लड़कियों का समस्या पर चर्चा करना - समस्या सुलझाने का उपाय खोजना - गाँववालाें की सहायता से प्रयोग करना - सफलता पाना - शीर्षक।
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
एक गाँव - होशियार लड़कियाँ - गाँव में पानी का अभाव - लड़कियों का घर के काों में सहायताकरना - दूर से पानी लाना - पढ़ाई के लिए कम समय मिलना - लड़कियों का पानी की समस्या पर चर्चा करना - समस्या सुलझाने का उपाय - गाँव वालों की सहायता से प्रयोग करना - सफलता पाना - सिख।
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उत्तर
एकता में शक्ति होती है।
शिवपुर नामक एक गाँव था। गाँव के सभी लोग एक-दूसरे के साथ मिल-जुलकर रहते थे। गाँव के लोग लड़का-लड़की में भेद नहीं करते थे। गाँव की सभी लड़कियों को लड़कों की ही भाँति शिक्षा का समान अवसर परिवार द्वारा दिया जाता था। गाँव में विद्यालय जाने वाले लड़कों की संख्या लड़कियों की अपेक्षाकृत बहुत कम थी। गाँव में हर तरह की सुविधा तो थी, लेकिन पानी का अभाव था। गाँव की लड़कियाँ घर के कामों में भी सहायता करती थीं। उन्हें पीने के लिए बहुत दूर से पानी लाना पड़ता था इससे उन्हें पढ़ाई के लिए बहुत कम समय मिलता था। वे सभी इस समस्या को सुलझाने का उपाय खोजने लगीं। एक दिन सभी लड़कियाँ एकजुट होकर इस परेशानी को सुलझाने के लिए चर्चा कर रही थीं। उनमें से एक ने कहा, यदि हमारे गाँव में तालाब या कोई अन्य जलस्रोत होता तो हमें पानी लाने दूर तक नहीं जाना पड़ता। अत: मेरे विचार से हमें गाँव में ही एक बड़े-से तालाब की खुदाई करवानी चाहिए। इसमें वर्षा का जल एकत्रित होगा, जिसका उपयोग हम कर सकते हैं। इसके अलावा तालाब के कारण हमारे गाँव की धरती में भी पानी का स्तर धीरे-धीरे बढ़ जाएगा। इसका हमें आने वाले भविष्य में बहुत फायदा होगा। सभी लड़कियाँ समस्या का उपाय प्राप्त कर चुकी थीं। उन्होंने गाँववालों को इस संदर्भ में समझाया। गाँववालों को भी यह योजना सही लगी। गाँववालों की सहायता से लड़कियाँ इस अनोखे प्रयोग में जुट गई। जल्द ही गाँववालों के कठोर परिश्रम से गाँव में दो बड़े तालाबों की खुदाई पूरी हुई। अब सभी को इंतजार था वर्षा ऋतु का।
कुछ समय बाद वर्षा ऋतु की शुरुआत हुई। उस वर्ष झमाझम वर्षा हुई। गाँव के दोनों तालाब लबालब भरकर बहने लगे। गाँव में जल की समस्या का निदान हुआ। दो-तीन वर्षों में गाँव की धरती के जलस्तर में भी काफी सुधार आया। इसके बाद गाँव में एक सार्वजनिक नलकूप लगवाया गया। लड़कियों का प्रयोग सफल हुआ और सारा गाँव खुशहाल हो गया।
सीख: मिल-जुलकर काम करने से कोई भी मुश्किल काम आसान हो सकता है।
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दूसरों की क्षमताओं को कम नहीं समझना चाहिए-इस शीर्षक को ध्यान में रखते हुए एक कहानी लिखिए।
निम्नलिखित शब्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए तथा उचित शीर्षक दीजिए :
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अकाल, तालाब, जनसहायता, परिणाम
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| मन में निश्चय | लोगों का जुड़ना | कुआँ तैयार होना | लोगों का खुश होना | सीख,शीर्षक |
| छुट्टियों में गाँव आना | कुआँ पानी से भरना | लोगों का हँसना | प्रतिवर्ष सूखे की समस्या का सामन | - |
| कुआँ खोदने का प्रारंभ | शहर के महाविद्यालय में पढ़ना | एक मित्र का साथ देना | एक लड़का | - |
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक देकर उससे प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:
एक लड़की ______ विद्यालय में देरी से पहुँचना ______ शिक्षक द्वारा डाँटना ______ लड़की का मौन रहना ______ दूसरे दिन समाचार पढ़ना ______ लड़की को गौरवान्वित करना।
मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए:
घना जंगल - विशाल और घने वृक्षों पर पंछियों का बसेरा - रोज पंछियों का बच्चों के लिए दाना चुगने उड़ जाना - हर बार जाते समय बच्चों को समझाना - फॅंसना नहीं, बहेलिया आएगा, जाल बिछाएगा, बच्चों द्वारा इसे केवल रटना - रटते-रटते एक दिन पेड़ से नीचे उतरना - दाने देखकर खुश होना - माँ की सीख याद आना - चौकन्ना हाेना - सावधान होकर उड़ जाना - बहेलिए का पछताना - शीर्षक।
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परोपकार का परिणाम
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
अपूर्व संतोष
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
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निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
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सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।
राखौ मेलि कपूर में, हींग न होत सुगंध
मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन:
| एक युवक | → | गलत संगति के चलते बुरी आदतों का शिकार होना | → | पुलिस के छापे में गिरफ्तार होना |
| पूछताछ में पुलिस अधिकारी का सच्चाई जानना | → | समुपदेशन कर उचित सलाह देना | → | रिहा होकर युवक का पुरानी संगति छोड़कर छोटा-मोटा व्यवसाय शुरू करना |
| धीरे-धीरे बड़ा व्यवसायी बनना | → | अपने जैसे युवकों काे नौकरी देना | → | शीर्षक |
“अभी धुप चमक रही थी कि अचानक आकाश में काले बादलों का साम्राज्य छा गया और तभी तेज़ ओलों की बौछार ने सड़क पर धमा - चौकड़ी मचा दी..." इस कथा को लगभग 100 शब्दों में आगे बढ़ाकर लिखिए।
