मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता १० वी

मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए: घना जंगल - विशाल और घने वृक्षों पर पंछियों का बसेरा - रोज पंछियों का बच्चों के लिए दाना चुगने उड़ जाना - हर बार जाते समय बच्चों को समझाना

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प्रश्न

मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए:

घना जंगल - विशाल और घने वृक्षों पर पंछियों का बसेरा - रोज पंछियों का बच्चों के लिए दाना चुगने उड़ जाना - हर बार जाते समय बच्चों को समझाना - फॅंसना नहीं, बहेलिया आएगा, जाल बिछाएगा, बच्चों द्वारा इसे केवल रटना - रटते-रटते एक दिन पेड़ से नीचे उतरना - दाने देखकर खुश होना - माँ की सीख याद आना - चौकन्ना हाेना - सावधान होकर उड़ जाना - बहेलिए का पछताना - शीर्षक। 

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

घना जंगल - विशाल और घने वृक्षों पर पंछियों का बसेरा - रोज पंछियों का बच्चों के लिए दाना चुगने उड़ जाना - हर बार जाते समय बच्चों को समझाना - फॅंसना नहीं, बहेलिया आएगा, जाल बिछाएगा, बच्चों द्वारा इसे केवल रटना - रटते-रटते एक दिन पेड़ से नीचे उतरना - दाने देखकर खुश होना - माँ की सीख याद आना - चौकन्ना हाेना - सावधान होकर उड़ जाना - बहेलिए का पछताना - शीर्षक।

लेखन कौशल्य
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उत्तर

आज्ञाकारी पक्षी और चतुर बहेलिया

      एक घना जंगल था। उस जंगल में बहुत से प्राणी-पक्षी रहते थे। जंगल की हर तरफ सिर्फ वृक्ष ही वृक्ष नजर आते थे। जंगल में हमेशा हरियाली होती थी। इस घने और विशाल वृक्षों पर बहुत से पक्षियों का बसेरा था। हमेशा की तरह सुबह होते ही पक्षी-समूह के बड़े पक्षी बच्चों के लिए दाना चुगने के लिए आसपास के गाँवों की और उड़ जाते थे। जब भी पक्षी-समूह खाना ढूढ़ने के लिए बाहर जाते थे, तो वे अपने बच्चों को बार-बार एक ही बात बताते थे की बहेलिया आएगा, जाल बिछाएगा। उसके जाल में फँसना नहीं। हमेशा चौकन्ना रहना। बच्चे अपने माता-पिता की इस सीख को रटते रहते थे। बड़े पक्षियों के बाहर चले जाने पर बच्चों ने सोचा कि चलो जरा पेड़ के नीचे उतरकर दुनिया की सैर करें। जब पक्षी नीचे उतरे, तो उन्होंने देखा कि वहाँ तो बहुत-से-दाने बिखरे हैं। वे सभी दाने देखकर बहुत खुश हो गए। जब वे दाना चुगने जा रहे थे, तभी उन्हें माँ की सीख याद आ गई। वे तुरंत ही चौकन्ना हो गए और बिना दाना चुगें ही वे अपने समूह के साथ उड़ गए। पक्षियों को उड़ता देखकर बहेलिए पछताने लगा। 

सीख: माता-पिता की हर एक सीख का पालन करना चाहिए। उससे हमेशा सफलता ही प्राप्त होती है।

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कहानी लेखन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.02: डिनर - उपयोजित लेखन [पृष्ठ १०]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Kumarbharati Standard 10 Maharashtra State Board
पाठ 1.02 डिनर
उपयोजित लेखन | Q १. | पृष्ठ १०

संबंधित प्रश्‍न

निम्‍नलिखित शब्‍दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए तथा उचित शीर्षक दीजिए :

अलमारी, गिलहरी, चावल के पापड़, छोटा बच्चा |


निम्‍नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए। उसे उचित शीर्षक दीजिए।

गाँव में लड़कियाँ - सभी पढ़ने में होशियार - गाँव में पानी का अभाव - लड़कियों का घर के कामों में सहायता करना - बहुत दूर से पानी लाना - पढ़ाई के लिए कम समय मिलना - लड़कियों का समस्‍या पर चर्चा करना - समस्‍या सुलझाने का उपाय खोजना - गाँववालाें की सहायता से प्रयोग करना - सफलता पाना - शीर्षक।


दिए गए शब्दों की सहायता से कहानी लेखन कीजिए। उसे उचित शीर्षक देकर प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:

अकाल, तालाब, जनसहायता, परिणाम


निम्नलिखित मुद्दों के उचित क्रम लगाकर उनके आधार पर कहानी लेखन कीजिए :

मन में निश्चय लोगों का जुड़ना कुआँ तैयार होना लोगों का खुश होना सीख,शीर्षक
छुट्‌टियों में गाँव आना कुआँ पानी से भरना लोगों का हँसना प्रतिवर्ष सूखे की समस्या का सामन -
कुआँ खोदने का प्रारंभ शहर के महाविद्‌यालय में पढ़ना एक मित्र का साथ देना एक लड़का -

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक देकर उससे प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:

एक लड़की ______ विद्‌यालय में देरी से पहुँचना ______ शिक्षक द्‌वारा डाँटना ______ लड़की का मौन रहना ______ दूसरे दिन समाचार पढ़ना ______ लड़की को गौरवान्वित करना।


‘जैसी करनी वैसी भरनी’ इस कहावत के आधार पर कहानी लिखिए।


शब्‍दों के आधार पर कहानी लिखिए:

थैली, जल, तस्‍वीर, अँगूठी


निम्‍नलिखित सुवचन पर आधारित कहानी लिखिए: 

‘स्‍वास्‍थ्‍य ही संपदा है।’


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग ७० से ८० शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

एक गाँव – पीने के पानी की समस्या – दूर-दूर से पानी लाना – सभी लोग परेशान – सभा का आयोजन – मिलकर श्रमदान का निर्णय – दूसरे दिन से – केवल एक आदमी – काम में जुटना – धीरे-धीरे एक-एक का आना – सारा गाँव श्रमदान में – गाँव के तालाब की सफाई – कीचड़, प्लास्टिक निकालना – बरसात में तालाब का स्वच्छ पानी से भरना।


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

अपूर्व संतोष


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

एक मजदूर - दिन भर श्रम करना - बनिया की दुकान से रोज चावल खरीदना - बनिया द्वारा बचत की सलाह - मजदूर की उपेक्षा करना - बनिया द्वारा मजदूर के चावलों में से थोड़ा-थोड़ा चावल अलग करना - पंद्रह दिन बाद मजदूर के हाथ में दो किलो चावल - मजदूर आश्चर्यचकित - बनिया का बचत की बात बताना - मजदूर को बचत काँ महत्त्व समझना - सीख।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

एक आलसी किसान - अमीर होने का सपना - साधु के पास जाना - गुप्त धन की जानकारी पूछना - साधु का कहना - गुप्त धन खेत में - किसान द्वारा रोज खेत को खोदना - धन न मिलना - किसान का निराश होना - बरसात के दिनों में बीज डालना - अच्छी फसल - किसान के पास अच्छा धन - शीर्षक - सीख।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए, तथा सीख लिखिए:

किसान के घर में चोर – घबराना – पत्नी की युक्ति – जोर-जोर से कहना – रुपये गहने घर के पिछवाड़े बंजर जमीन में छिपा दिए हैं – चोरों का बंजर जमीन खोदना – कुछ न मिलना – किसान को आनंद – सीख।


‘जैसा करोगे वैसा भरोगे’ विषय पर लघु कथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए।


कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

मनोज का रिक्शा से मंडी जाना - जल्दबाजी में बदुआ रिक्शे में भूलना - थोड़ी सब्जी लेकर घर लौटना - तनाव में - रात नौ बजेदरवाजे पर रिक्शेवाले की दस्तक - पता ढूँढ़ते घर आना और बटुआ लौटाना - शीर्षक।

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए।

रामू - लालच - गिरफ्तार - हवालात - जेल - सुधार - परोपकार - शीर्षक।

निम्नलिखित सुवचन के आधार पर कहानी लिखकर उचित सीख लिखिए:

भला कर और भूल जा


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

पेंटिंग-के अच्छे दाम पाकर वह बहुत खुश था। दिमाग में तरह-तरह की योजनाएँ चल रही थी ............


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

परीक्षा के दौरान मेरी प्रिय सखी बार-बार सहायता माँग रही थी लेकिन मैंने मदद नहीं की तो वह ...........


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

मैं घर पहुँची तो टेबिल पर मेरी पसंद के व्यंजनों की भरमार थी। अड़ोसियों-पड़ोसियों की भीड़ देख कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि पापा ने गले लगाते हुए बताया कि .........


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखिए-

'एक गाँव ---- कुदिया बनाकर ---- वह जब भी नाचता ---- गाँव के लोगों को ---- तो वे नदी किनारे ---- जब वे नाचने लगते ----। 
कुछ दिन बाद ---- किसी साधु के नाचने ----। शहरी पढ़ाई-लिखाई ---- चुनौती दे दी ----। यदि-हमारे ---- तो साधु के नाचने ----। वह तुम ---- रहा है। फिर क्या था ---- लड़कों ने ----।


कहानी लेखन-

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए-

एक आदमी ---- भगवान ---- वरदान दिया ---- जन्म लिया। छोटा ---- हवा का झोंका ---- रात ---- तारे अच्छे लगते ---- बातें ---- दोनों की दोस्ती ---- फलदाब पेड़ ---- फल ---- तारे को भेजा, ---- प्रसल हुआ ---- खुश रहने लगे ---- मित्रता इसी प्रकार निभानी चाहिए।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग (70-80) शब्दों में कहानी लिखिए।

बीज, वर्षा, पेड़, कली


'पश्चाताप' विषय पर लघुकथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक देकर उससे प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:

एक लड़का ______ रोज निश्चित समय पर घर से निकलना ______ वृद्धाश्रम में जाना ______ माँ का परेशान होना ______ सच्चाई का पता चलना गर्व महसूस होना।


शब्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए।

माेबाइल, लड़का, गाँव, सफर


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

वसुधैव कुटुंबकम


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

पेड़ लगाओ, पृथ्वी बचाओ।


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

जल ही जीवन है।


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

श्रम ही देवता है।


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

राखौ मेलि कपूर में, हींग न होत सुगंध


“अभी धुप चमक रही थी कि अचानक आकाश में काले बादलों का साम्राज्य छा गया और तभी तेज़ ओलों की बौछार ने सड़क पर धमा - चौकड़ी मचा दी..." इस कथा को लगभग 100 शब्दों में आगे बढ़ाकर लिखिए।


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