मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता १० वी

शब्‍दों के आधार पर कहानी लिखिए: थैली, जल, तस्‍वीर, अँगूठी

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प्रश्न

शब्‍दों के आधार पर कहानी लिखिए:

थैली, जल, तस्‍वीर, अँगूठी

लेखन कौशल्य
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उत्तर

मेल-मिलाप का महत्व

एक बेलपुर नामक गाँव में मोहन नाम का एक जौहरी रहता था। वह अपने दाहिने हाथ की एक ऊँगली में सोने की एक अंगूठी पहनता था। उसे उस अंगूठी से बेहद लगाव था। अत: कभी-भी वह उसे अपनी उँगली से अलग नहीं करता था। वह अपने परिवार से अलग रहता था। उनके लिए अलग घर की व्यवस्था थी। वह उन्हें मिलने कभी नहीं जाता था। एक दिन जौहरी से मिलने के लिए पड़ोस के गाँव से एक व्यक्ति आया। उसके पास एक थैली थी। उस थैली में एक घोड़े की तस्वीर थी। उस तस्वीर को बाहर निकालकर उसने जौहरी से कहा, “मालिक, यह बहुत ही अद्भुत तस्वीर है।

यह मुझे साधु महाराज ने दी है। मैं इसे बेचना चाहता हूँ। जो कोई इस तस्वीर को खरीद लेगा उसका पूरा जीवन बड़े आराम से कटेगा और उसे किसी भी प्रकार की विपत्तियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उस व्यक्ति की बातें सुनकर जौहरी ने जिज्ञासा से पूछा, “तो फिर इसका मूल्य कितना है?” उस व्यक्ति ने बताया सिर्फ पाँच जल की बूंदे और वह भी वे बूंदें एक दूसरी से अलग होनी चाहिए यानी एक साथ मिलनी नहीं चाहिए।

यह सुनकर जौहरी हैरान रह गया। थोड़ी देर तक सोचने के बाद उसने तुरंत अपने नौकर के जरिए एक गिलास में पानी मंगवाया। उसने एक प्लेट में पानी की बूंद गिराने की कोशिश की, पर उसके प्रयत्न निष्फल रहे क्योंकि पानी की बूंदें एक-दूसर से मिलने लगी। कई बार कोशिश करने के बाद जौहरी थक गया। वह व्यक्ति मन ही मन हँस रहा था। हैरान होकर जौहरी ने उसकी ओर देखा।

तब तपाक से उस व्यक्ति ने कहा, “एक-दूसरे के साथ मिलना तो बूंदों का स्वभाव है। फिर इंसान होकर तुम क्यों अपने परिवार वालों से अलग रहते हो?” उस आदमी की बातें सुनकर जौहरी की आँखें खुल गई और वह तुरंत अपने परिवार वालों के पास चला गया।

सीख: हमें जीवन में मेल-मिलाप से रहना चाहिए।

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कहानी लेखन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.08: प्रण - उपयोजित लेखन [पृष्ठ ४१]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Kumarbharati Standard 10 Maharashtra State Board
पाठ 1.08 प्रण
उपयोजित लेखन | Q १. | पृष्ठ ४१
बालभारती Hindi Composite Lokvani Standard 10 Maharashtra State Board
पाठ 1.4 जिन ढूँढा
स्‍वाध्याय | Q १. | पृष्ठ १५

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