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प्रश्न
सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।
राखौ मेलि कपूर में, हींग न होत सुगंध
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उत्तर
राखौ मेलि कपूर में, हींग न होत सुगंध
गाँव 'सुधीपुर' एक सुंदर और शांतिपूर्ण स्थान था, जहां के लोग एक-दूसरे के साथ प्यार और समर्थन में रहते थे। लेकिन, इस गाँव के कुछ युवक एक अजीब सी आदत में पड़े हुए थे, जो गलत कामों की तरफ आकर्षित थे। इन युवकों में से एक था 'रवि', जो कभी-कभी छोटे चोरियां या बेकार की शरारतें करता था। शुरूवात में, लोग उसे इसे मासूमीयत से गुजारिश करते थे, लेकिन जब रवि ने यह बात सबको एक दिन बताई कि उसकी यह सभी बातें एक आदत बन चुकी हैं, तो सबकी मुख पर चिंता की रेखाएं बढ़ गई। एक दिन, गाँव के बुजुर्ग 'दादा जी' ने गाँव के सभी लोगों को एकत्र किया। दादा जी ने रवि से मिलकर उससे उसकी आदतों के बारे में पूछा।
रवि ने खुद को बचाने के लिए कई कारण बताए, लेकिन दादा जी ने समझाया कि गलती करना एक आदत बनने का परिणाम होता है और यह आदत हमें हमारे भविष्य को कमजोर कर देती है। दादा जी ने रवि से कहा, "बेटा, गलत कामों में पड़ना तुम्हारे लिए और तुम्हारे परिवार के लिए हानिकारक है। तुम आदतों को बदल सकते हो और सही राह पर चल सकते हो।" रवि ने दादा जी के वचनों को सुनकर अच्छा लगा और उसने ठान लिया कि वह अपनी आदतें बदलेगा। उसने गाँववालों से माफी मांगी और उसने नई शुरुआत की। रवि ने गाँव के लिए सकारात्मक परिवर्तन लाने का निर्णय लिया और उसने गाँव में सफाई अभियान शुरू किया। उसने गाँववालों को मिलकर कहा कि हमें सभी को एक साथ मिलकर गलतीयों को सुधारना चाहिए और साथीपन की भावना बनाए रखनी चाहिए।
गाँववालों ने रवि को उसके संघर्ष और सुधारने की कड़ी मेहनत के लिए सराहा। रवि ने गलती से सही राह की ओर कदम बढ़ाया और उसने गाँव को एक साथीपन और समर्थन का एक नया दौर दिखाया।
सिख: इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि जिन लोगों की आदतें गलत होती हैं, वे अपने आत्म-संवाद और सकारात्मक क्रियाओं के माध्यम से सुधार करने की आवश्यकता है।
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