Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान’ इस विषय पर भाषाई सौंदर्यवाले वाक्यों, सुवचन, दोहे आदि का उपयोग करके निबंध/कहानी लिखिए ।
Advertisements
उत्तर
जिस प्रकार बार-बार रस्सी के आने-जाने से कठोर पत्थर पर भी निशान पड़ जाते हैं, उसी प्रकार बार-बार अभ्यास यानि परिश्रम और चेष्टा करते रहने पर मूर्ख व्यक्ति भी एक दिन कुशलता प्राप्त कर लेता है। आज को तेज रफ्तार जिंदगी में हर कोई सबसे आगे जाना चाहता हैं। यह कहना अतिशयोक्ति न होगी कि हर कोई जीतना चाहता है। अभ्यास की आवश्यकता शारीरिक और मानसिक दोनों कार्यों में समान रूप से पड़ती है। जिंदगी किसी दौड़ से कम नहीं, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति दौड़ता ही रहता है, परंतु हर व्यक्ति उसमें सफल हो यह आवश्यक नहीं। दरजी का बालक पहले ही दिन बढ़िया कोट-पैंट नहीं सिल सकता। इसी प्रकार कोई भी इंजीनियर या डॉक्टर अभ्यास के द्वारा ही निपुणता प्राप्त करता है। कोई कला, साहित्य, खेल, विज्ञान, व्यापार, या किसी भी क्षेत्र में, यह सत्य हमें यह बताता है कि जब हम किसी क्षेत्र में मेहनत और अभ्यास के माध्यम से सजीव हो जाते हैं, तो सफलता हमारे पास खुद आकर बैठ जाती है। जब किसी मनुष्य को सफलता प्राप्त होती तो इसका मतलब यह नहीं है, की निराश हो जाना चाहिए।
'करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान।
'रसरी आवत-जात ते सिल पर परत निसान।।
इस बात के अनेक उदाहरण है। एकलव्य ने गुरु के अभाव में अभ्यास से अद्भुत योग्यता प्राप्त की। कालिदास वज़ मूर्ख थे परंतु अभ्यास के बल पर संस्कृत के महान कवियों की श्रेणी में विराजमान हुए। वाल्मीकि डांकू से आदिकविं बने। आलसी व्यक्ति कभी अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकता, क्योंकि जहाँ आलस होता है। अतः सफलता प्राप्ति के लिए हमें आलस का त्याग कर देना चाहिए। जिस व्यक्ति के पास ये गुण विद्यमान हैं, वह किसी क्षेत्र में हार नहीं सकता है।
संबंधित प्रश्न
किसी पालतू प्राणी की आत्मकथा लिखिए।
‘पुस्तक प्रदर्शनी में एक घंटा’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लेखन कीजिए।
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।
नदी किनारे एक शाम
'यदि मैं बादल होता......' विषय पर लगभग सौ शब्दों में निबंध लिखिए |
‘स्वार्थ के अंधेपन से व्यक्ति अपनों से दूर हो जाता है’ इस संदर्भ में अपने विचार लिखिए।
‘मेरी अविस्मरणीय सैर’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लिखिए।
आपके द्वारा आँखों देखी किसी घटना/दुर्घटना का विवरण अपने शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित एक विषय पर लगभग ८० से १०० शब्दों में निबंध लिखिए:
पुस्तक की आत्मकथा
निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 150 शब्दों में रचनात्मक लेखन लिखिए।
विद्यालय में मेरा प्रिय कोना
निम्नलिखित विषय पर 60-70 शब्दों में निबंध लिखिए:
मेरा प्रिय नेता
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
यदि मैं अध्यापक होता .....
निम्नलिखित विषय पर लगभग 70 से 80 शब्दों में निबंध लिखिए:
समय का सदुपयोग
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’
निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।
मैच खेलने का अवसर
नीचे दिए गए अप्रत्याशित विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।
आज़ादी का अमृत महोत्सव: स्वर्णिम 75 साल
निबंध लिखिए:
वृक्षारोपण
निबंध लिखिए -
यदि मैं प्रधानमंत्री होता।
निम्नलिखित विषय पर 60 से 70 शब्दों में निबंध लिखिए:
यदि मैं पक्षी होता...
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80-100 शब्दों में निबंध लिखिए।
समय बड़ा बलवान
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।
मेरा प्रिय खेल
मैं और डिजिटल दुनिया।
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
वनों का महत्व
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
यदि पुस्तकें न होती........
निम्नलिखित विषय पर 60 से 70 शब्दों में निबंध लिखिए:
पाठ्यपुस्तक की आत्मकथा
