मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता १० वी

‘वर्तमान समय में शांति के क्षेत्र में/पर्यावरण संरक्षण में भारत की भूमिका का महत्‍त्‍व’ विषय पर अस्‍सी से सौ शब्‍दों में निबंध लेखन कीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

‘वर्तमान समय में शांति के क्षेत्र में/पर्यावरण संरक्षण में भारत की भूमिका का महत्‍त्‍व’ विषय पर अस्‍सी से सौ शब्‍दों में निबंध लेखन कीजिए।

लेखन कौशल्य
Advertisements

उत्तर

पर्यावरण संरक्षण में भारत की भूमिका का महत्व

पर्यावरण शब्द संस्कृत भाषा में ‘परि’ उपसर्ग (चारों ओर) और ‘आवरण’ से मिलकर बना है जिसका अर्थ है ऐसी चीजों का समुच्चय जो किसी व्यक्ति या जीवधारी को चारों ओर से आवृत्त किये हुए है। हमारी धरती और इसके आसपास के कुछ हिस्सों को पर्यावरण में शामिल किया जाता है। इसमें सिर्फ मानव ही नहीं बल्कि जीव-जंतु और पेड़-पौधे भी शामिल किए गए हैं। यहाँ तक की निर्जीव वस्तुओं को भी पर्यावरण का हिस्सा माना गया है। 

भारतीय संस्कृति में पर्यावरण के संरक्षण को बहुत महत्त्व दिया गया है। भारतीय संस्कृति का अवलोकन करने से ज्ञात होता है कि यहाँ पर्यावरण संरक्षण का भाव अति पुरातनकाल में भी मौजूद था पर उसका स्वरूप भिन्न था। उस काल में कोई राष्ट्रीय वन नीति या पर्यावरण पर काम करने वाली संस्थाएँ नहीं थीं। पर्यावरण का संरक्षण हमारे नियमित क्रियाकलापों से ही जुड़ा हुआ था। भारत संसरा के उन देशों में से है, जहां देश के संविधान में पर्यावरण पर उल्लेख किया गया है और इसके संरक्षण के लिये कानून भी बना गये है।

भारत की भूमिका पर्यावरण के संरक्षण में बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। क्योंकि भारत एक पर्यावरण रूप से समृद्ध देश है, जहां अलग-अलग तरह की जलवायु पाई जाती हैं जो मानव जीवन के सर्वाधिक अनुकूल हैं। भारत जनसंख्या की दृष्टि से विश्व का विशालतम देश है। ऐसे में भारत ने कई हमेशा पर्यावरण के लिए सजग रहा है। भारत के संविधान में ऐसे अनेक कानून हैं जो पर्यावरण के अलग-अलग बिंदुओं को इंगित करते हुए संबंधित क्षेत्र के पर्यावरण को संरक्षण प्रदान करते हैं।

shaalaa.com
निबंध लेखन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.1: गुरुदेव का घर - उपयोजित लेखन [पृष्ठ ४७]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Kumarbharati Standard 10 Maharashtra State Board
पाठ 1.1 गुरुदेव का घर
उपयोजित लेखन | Q १. | पृष्ठ ४७

संबंधित प्रश्‍न

कल्पनाप्रधान निबंध: यदि श्यामपट बोलने लगा......


चरित्रात्मक निबंध: मेरे आदर्श


‘जल है तो कल है’ विषय पर अस्‍सी से सौ शब्‍दों में निबंध लिखिए।


निम्नलिखित विषय पर 200 शब्दों में रचनात्मक लेखन लिखिए:

जिन्हें जल्दी थी, वे चले गए


नीचे दिए गए अप्रत्याशित विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।

दिया और तूफ़ान : मानव जीवन का सत्य


निबंध लिखिए-

यदि इंटरनेट (अंतरजाल) न होता....


निबंध लिखिए-

आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है।


निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।

एक किसान की आत्मकथा


निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।

मेरा प्रिय खेल


खालील मुद्‌द्यांच्या आधारे ‘मी अनुभवलेला पाऊस’ या विषयावर निबंध लिहा.


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×