मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता १० वी

‘संगणक की आत्मकथा’ इस विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लिखिए। - Hindi [हिंदी]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

‘संगणक की आत्मकथा’ इस विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लिखिए।

निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

संगणक की आत्मकथा

लेखन कौशल्य
Advertisements

उत्तर

संगणक की आत्मकथा

मैं संगणक हूँ। आज के आधुनिक युग में मुझे मानव का सबसे विश्वसनीय साथी और सहायक माना जाता है। मेरे बिना जीवन की कल्पना करना कठिन हो गया है। मेरे आविष्कार ने संसार को नई दिशा और गति प्रदान की है। पहले जिन कार्यों को करने में घंटों, दिनों या महीनों का समय लगता था, वे आज कुछ ही क्षणों में पूरे हो जाते हैं।

जब मेरा जन्म नहीं हुआ था, तब लोग संदेश भेजने के लिए पत्रों और तार का सहारा लेते थे। उत्तर आने में कई दिन लग जाते थे। परंतु मेरे आगमन के बाद इंटरनेट, ई-मेल और वीडियो कॉल के माध्यम से दूर-दराज़ के लोग भी तुरंत जुड़ने लगे। आज लाखों किलोमीटर दूर बैठे व्यक्ति से पलभर में बातचीत संभव है।

शिक्षा के क्षेत्र में मेरा विशेष योगदान है। विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं, परियोजनाएँ तैयार कर सकते हैं और विश्वभर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। बैंकिंग और व्यापार में भी मेरा महत्वपूर्ण स्थान है। ऑनलाइन लेन-देन, बिल भुगतान और टिकट बुकिंग मेरे माध्यम से आसानी से हो जाते हैं। अस्पतालों में रोगियों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाता है और वैज्ञानिक मेरे द्वारा नए-नए आविष्कार करते हैं।

मेरे अंदर अपार मात्रा में जानकारी संग्रहित की जा सकती है। पहले मोटी फाइलों में कागज़ संभाले जाते थे, पर अब सब कुछ डिजिटल रूप में सुरक्षित है।

हालाँकि, मेरा दुरुपयोग भी संभव है, जिससे साइबर अपराध और डेटा चोरी जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। इसलिए मेरा उपयोग समझदारी और जिम्मेदारी से करना आवश्यक है।

मुझे गर्व है कि मैं मानव जीवन को सरल, तेज़ और सुविधाजनक बना रहा हूँ। भविष्य में भी मैं मानव प्रगति का मजबूत आधार बना रहूँगा।

shaalaa.com
निबंध लेखन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.06: मानस का हंस - उपयोजित लेखन [पृष्ठ ८९]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Kumarbharati [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
पाठ 2.06 मानस का हंस
उपयोजित लेखन | Q १. | पृष्ठ ८९

संबंधित प्रश्‍न

कल्पनाप्रधान निबंध: यदि किताबें न होतीं


चरित्रात्मक निबंध: मेरा प्रिय रचनाकार


‘स्‍वार्थ के अंधेपन से व्यक्‍ति अपनों से दूर हो जाता है’ इस संदर्भ में अपने विचार लिखिए। 


आपके द्‍वारा आँखों देखी किसी घटना/दुर्घटना का विवरण अपने शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित विषय पर 60-70 शब्दों में निबंध लिखिए:

मेरा प्रिय नेता


निबंध लिखिए:

मेरे प्रिय साहित्यकार


निम्नलिखित विषय पर लगभग 80-100 शब्दों में निबंध लिखिए।

समय बड़ा बलवान 


राष्‍ट्र का गौरव बनाए रखने के लिए पूर्व प्रधानमंत्रियों द्वारा किए सराहनीय कार्यों की सूची बनाइए।


मैं और डिजिटल दुनिया।


चौकटीत दिलेल्या घटकाचे आत्मकथन लिहा:


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×