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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता १० वी

निबंध लेखन - कोरोना काल में दूरदर्शन की भूमिका - Hindi [हिंदी]

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प्रश्न

निबंध लेखन -

कोरोना काल में दूरदर्शन की भूमिका

दीर्घउत्तर
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उत्तर

कोरोना काल में दूरदर्शन की भूमिका

कोरोनावायरस एक महामारी के रूप में पूरी दुनिया में फैला हुआ था। कोरोनावायरस की वजह से विश्व के कई सारे देश काफी चिंता में थे। देशों में तेजी से कोरोनावायरस चल रहा था भारत देश भी कोरोनावायरस के संक्रमण से तेजी से प्रभावित हो रहा था। इस वायरस का संक्रमण दिसंबर 2019 में चीन के वुहान शहर में शुरू हुआ था। हालाँकि तब तक ये पूरी दुनिया में फैल चुका था। डब्लूएचओ के मुताबिक बुखार, खांसी, साँस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं। तब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना था।

कोरोनाकाल में दूरदर्शन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जब कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन से लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए थे, ऐसे में लोगों के लिए अपना समय बिताना बेहद मुश्किल जान पड़ रहा था। वह व्यर्थ के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जाने लगे, जहाँ पर बहुत सी आपत्तिजनक सामग्री भी होती थी जो कि परिवार के साथ देख कर बैठना मुश्किल होता था। ऐसे समय में दूरदर्शन में अपनी भूमिका निभाने का निश्चय किया। उसने अपने कालजयी और इस अनमोल धारावाहिकों का प्रसारण आरंभ कर दिया। दूरदर्शन ने ऐसे -ऐसे धारावाहिक, फिल्में, कार्यक्रम दिखाये है, जो एक समय बहुत लोकप्रिय थे। रामायण, महाभारत जैसे धारावाहिकों को दिखाकर लोगों को घरों में ही बाँध रखा था। 80 और 90 के दशक के इन लोकप्रिय धारावाहिक का प्रसारण करके दूरदर्शन ने ना केवल पुरानी पीढ़ी को उनके पुराने दिनों की याद दिलाई बल्कि नई पीढ़ी को भी इन अनमोल धारावाहिकों से परिचित कराया।

कोरोना महामारी कि इस विकट परिस्थिति में संचार माध्यम का विशेष महत्व है क्योंकि संचार माध्यम के द्वारा ही हमें पता लगता है कि कोरोना संक्रमण भारत देश या दुनिया में कितनी तेजी से फैल रहा है जब हम यह जानकारी प्राप्त करते हैं तो हम उस हिसाब से अपने आप को कोरोनावायरस के संक्रमण से बचाने के लिए तैयार हो पाते हैं।दूरदर्शन ने कोरोना काल में जिस प्रकार से सहयोग किया उसकी जितनी तारीफ करे उतनी कम थी।

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2021-2022 (March) Set 1

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