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प्रश्न
निबंध लेखन -
एक बाढ़ पीड़ित की आत्मकथा
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
बाढ़-पीड़ित की आत्मकथा
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उत्तर
एक बाढ़ पीड़ित की आत्मकथा
मैं एक बाढ़ पीड़ित हूँ। वास्तव में मैंने उस रात जिंदगी के अपने सबसे बड़े डर का सामना किया था। उस दिन पुरे दिन बारिश बरसती रही। मैंने सोचा की साधारण सा पानी है, मेरी घर की दीवार से पानी रिस रहा था लेकिन मैंने कोई खास ध्यान नहीं दिया। मेरा घर मिट्टी की ईंटों से बना कच्चा घर है, हर साल पानी बरसता है लेकिन इस साल थोड़ा तेज पानी था लेकिन मैंने कोई खास ध्यान नहीं दिया। शाम को 9:00 बजे मैं अपनी बीवी और दो बच्चों एवं अपने माँ बाप के साथ अपने घर पर विश्राम करने लगा था। तभी रात के 3:00 बजे मेरी अचानक आँख खुली तो मैंने एक जोरदार आवाज सुनी, आवाज सुनकर जैसे ही मैंने मेरे घर के बाहर का दरवाजा खोला तो हमारे पड़ोसी का सामने वाला घर इस बाढ़ की वजह से गिर गया था। मैं बहुत ही घबरा गया था क्योंकि पानी घुटनों से भी ऊपर आ गया था। मैंने जल्दी-जल्दी अपने घर के हर एक सदस्य को घर के बाहर निकाला और हमारे घर के पास में ही स्थित ऊँची चोटी पर जाकर खड़ा हो गया। मेरा परिवार भी मेरे साथ था। मैं अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहा था।
सोच रहा था कि कुछ समय बाद इस बाढ़ की स्थिति काबू हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं था पानी बहुत ही तेजी से बरस रहा था, हवा भी बहुत तेजी से चल रही थी। हमारे आस पड़ोस के लोग उस पानी में बहते हुए मारे जा चुके थे। हम बड़ी मुश्किल से सुरक्षित बच पाए थे तभी मैंने देखा की पानी हमारे घर को आधे से ज्यादा डूबा चुका है, हमारा घर इस तेजी से आ रही बाढ़ की वजह से एक जोरदार आवाज के साथ गिर गया था। घर में रखा सामान दब गया था उस पानी में बहता हुआ जा रहा था।
हम यह नजारा देख रहे थे लेकिन हम इस तेजी से आ रही बाढ़ की वजह से कुछ भी नहीं कर पा रहे थे। इस बाढ़ में हमारे शहर के 200 से भी ज्यादा लोग मारे जा चुके थे। मैं अपने आप को बहुत ही किस्मत वाला समझ रहा था कि मैं अपने पूरे परिवार के साथ सुरक्षित था लेकिन हमें अपनी धन-संपत्ति को खोना पड़ा फिर कुछ रिश्तेदारों ने हमारी मदद की और कुछ समय तक हमें रहने के लिए स्थान प्रदान किया। वो दिन हम जिंदगी में हम कभी नहीं भूल सकते।
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