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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता १० वी

‘युवापीढ़ी का उत्‍तरदायित्‍व’ विषय पर लगभग सौ शब्‍दों में निबंध लिखिए।

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प्रश्न

‘युवापीढ़ी का उत्‍तरदायित्‍व’ विषय पर लगभग सौ शब्‍दों में निबंध लिखिए।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

‘युवापीढ़ी का उत्‍तरदायित्‍व’

भारत वास्तविक अर्थो में एक तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था है। मुझे यकीन है कि इस देश को हम तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद दुनिया का एक बेहतरीन देश बना सकते हैं। हमारे युवाओं में जबर्दस्त संभावना है, ऊर्जा है और कुछ कर गुजरने की भावना भी। हमें एक ऐसे भारत का निर्माण करना है, जिसमें लोगों का जीवन स्तर काफी ऊँचा हो और यह तभी होगा जब देश के नवयुवकों को बेहतर शिक्षा, श्रेष्ट प्रशिक्षण और विकास के अनुकूल वातावरण तैयार मिले। किसी देश समाज के भविष्य का निर्धारण आज की युवा पीढ़ी पर ही निर्भर करता हैं। एक भारतीय युवा के रूप में हमारा प्रथम दायित्व यह है कि हम अपने राष्ट्र, समाज, परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन करें।

भारत इस समय बहुत सुनहरे दौर से गुजर रहा है। हमारे देश में इस समय युवाओं की संख्या बहुत अधिक है। यह तो निश्चित है कि साहस, प्रतिभा और कुछ करने की ललक एक युवा की विशेषताएँ होती हैं। ऐसे में यह सभी की जिम्मेदारी है कि युवाओं की ऊर्जा नष्ट न हो। इन युवाओं को हमें अच्छी तरह शिक्षित तथा प्रशिक्षित करना होगा।

वास्तव में देश के युवाओं से ही देश के विकास की अपेक्षा की जाती है। सरकारें देश के विकास की नीतियाँ बनाते समय युवकों से सलाह मशविरा नहीं करती। सरकार को युवाओं का सहयोग लेना चाहिए।

युवाओं से यह उम्मीद की जाती है कि वे भारतवर्ष को उन्नत व विकसित देशों की कतार में लाने के लिए अपना कीमती योगदान दें। देश के अमर शहीदों ने भारत के लिए जो सपने देखे थे, उन्हें साकार करने के लिए उनकी अहम् भागीदारी है। देश की युवापीढ़ी को जाती, धर्म, संप्रदाय से ऊपर उठकर देश के लिए काम करना होगा। यदि ऐसा होगा, तभी देश विकसित हो सकेगा।

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निबंध लेखन
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पाठ 2.1: टॉल्स्टॉय के घर के दर्शन - उपयोजित लेखन [पृष्ठ १०८]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Kumarbharati Standard 10 Maharashtra State Board
पाठ 2.1 टॉल्स्टॉय के घर के दर्शन
उपयोजित लेखन | Q १. | पृष्ठ १०८

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