Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘मोबाइल के अति उपयोग से होने वाले दुष्परिणाम’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
Advertisements
उत्तर
वर्तमान युग में मोबाइल फोन हमारे जीवन में एक अहम हिस्सा बन गया है। आज हर व्यक्ति के पास मोबाइल फोन है, चाहे गरीब हो या अमीर हो। आज स्मार्ट फोन का जमाना है और हर कोई, हर युवा की इस तरफ तेजी से दिलचस्पी बढ़ती जा रही है। पहले लोगों के पास तो फोन ही नहीं होते थे। फोन केवल पैसेवालों के पास या सरकारी अधिकारीयों के पास होते थे। यदि मोबाइल ने हमें बड़ी सुविधाएँ प्रदान की हैं, किंतु इसके बहुत दुष्परिणाम भी हो रहे हैं।
मोबाइल के कारण मानव शरीर में बहुत सारी बीमारियाँ हो सकती है। मोबाइल फोन से निकलने वाले इलेक्ट्रोमेगनेटिक विकिरणों से डीएनए क्षतिग्रस्त हो सकता है। इसके अलावा मोबाइल का अधिक इस्तेमाल आपको मानसिक रोगी, कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, डायबिटिज, ह्रदय रोग आदि कई बड़ी बीमारियाँ भी दे सकता है। मोबाइल फोन आज व्यक्ति की आदत बन गई है। कोई भी व्यक्ति मोबाइल के बिना अपने आप को अधूरा मानने लगता है। अगर कुछ देर व्यक्ति अपने मोबाइल से दूर रहे तो , उसका मन नहीं लगता। उसे जग सूना प्रतीत होता है जैसे उसका कुछ बहुमूल्य चीज उससे दूर हो गया हो। व्यक्तियों ने इसे अपने आदत में शामिल कर लिया है। मोबाइल में दिन-रात देखे जाने वाले वीडियो हिंसा को बढ़ावा देते हैं। अनावश्यक और अप्राकृतिक चलचित्र देखने से लोगों में दिन-प्रतिदिन हिंसक प्रवृत्ति का विकास हो रहा है। इसका खासा प्रभाव बच्चों अथवा विद्यार्थियों पर देखने को मिल रहा है। बेशक मोबाइल के अनेकों को लाभ हो सकते हैं , बशर्ते उसे ठीक प्रकार से प्रयोग किया जाए। मोबाइल फोन के नुकसान से बचने का एकमात्र मार्ग सतर्कता ही है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
‘मेरा प्रिय वैज्ञानिक’ विषय पर निबंध लेखन कीजिए।
वैचारिक निबंध: अकाल: एक भीषण समस्या
आत्मकथात्मक निबंध: मैं हूँ भाषा
निम्नलिखित विषय पर 200 शब्दों में रचनात्मक लेखन लिखिए:
दुर्घटना से देर भली
निम्नलिखित विषय पर 60 - 70 शब्दों में निबंध लिखिए:
मोबाइल की उपयोगिता
निम्नलिखित विषय पर लगभग 70 से 80 शब्दों में निबंध लिखिए:
समय का सदुपयोग
निबंध लिखिए:
ईमानदारी
निबंध लिखिए-
आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है।
निम्नलिखित विषय पर 60 से 70 शब्दों में निबंध लिखिए:
यदि मैं पक्षी होता...
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।
एक किसान की आत्मकथा
