मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता १० वी

निम्नलिखित एक विषय पर लगभग ८० से १०० शब्दों में निबंध लिखिए: पुस्तक की आत्मकथा - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित एक विषय पर लगभग ८० से १०० शब्दों में निबंध लिखिए:

पुस्तक की आत्मकथा

लेखन कौशल्य
Advertisements

उत्तर

पुस्तक की आत्मकथा

मैं ज्ञान से परिपूर्ण हूँ। जो भी मेरी शरण में आता है, मैं उसे बुद्धिमान बना देती हूँ। मेरे मार्गदर्शन में इंसान निरंतर प्रगति करता है। हर उम्र का व्यक्ति मुझसे स्नेह करता है और मेरा सम्मान करता है। मैं मनुष्य की सच्ची मित्र, मार्गदर्शक और साथी हूँ। मैं एक पुस्तक हूँ। यद्यपि मैं अधिकांश घरों में पाई जाती हूँ, लेकिन मेरा वास्तविक, व्यवस्थित निवास पुस्तकालय होता है।

आदिकाल से ही मैं ज्ञान के स्रोत के रूप में जानी जाती हूँ। लोग मेरा अध्ययन कर स्वयं का ज्ञानवर्धन करते हैं। हर व्यक्ति के जीवन में मेरा एक महत्त्वपूर्ण स्थान है। खासकर विद्यार्थियों व लेखकों के जीवन में मेरा प्रमुख स्थान है। वे किसी भी क्षण मुझे स्वयं से अलग नहीं करना चाहते हैं। एक गुरु की भाँति मैं हर पग पर उनका मार्गदर्शन करती रहती हूँ। ऐसा करके मुझे बहुत संतोष प्राप्त होता है, क्योंकि यही मेरे जीवन का उद्देश्य भी है।

आज मेरा जो रूप आपको दिखाई देता है, शुरुआती दिनों में ऐसा नहीं था। पहले कागज का आविष्कार नहीं हुआ था। अतः भोजपत्रों, बाँस की पतली पट्टियों आदि का प्रयोग किया जाता था। धीरे-धीरे विज्ञान की प्रगति ने मेरा रूप बदल दिया। आज पेड़ों से कागज का निर्माण किया जाता है और इसी से मुझे यह नया सुंदर रूप प्राप्त हुआ है। कविता, कहानी, नाटक, विज्ञान, इतिहास, भूगोल इत्यादि का सारा ज्ञान मुझमें ही समाहित है।

मेरा निर्माण बहुत परिश्रम से होता है। पहले पेड़ों की छाल से कागज का निर्माण किया जाता था। इसके बाद कोई ज्ञानी व्यक्ति मेरे पन्नों पर ज्ञान की बातें अंकित करता है। बड़ी-बड़ी मशीनों के सहारे मेरी छापाई की जाती है। इससे मेरी जैसी अनेक प्रतियाँ बनकर तैयार हो जाती हैं। इसके बाद मैं दुकानों व पुस्तकालयों में पहुँचती हूँ, जहाँ से लोग अपनी-अपनी रुचि और जरूरत के अनुसार मेरा प्रयोग करते हैं।

मैंने देखा है कि कुछ बच्चे व पाठक मुझे बहुत सँभालकर रखते हैं, तो कुछ मेरे पन्नों को फाड़कर व गंदा करके मेरा रूप खराब कर देते हैं। ऐसे लापरवाह पाठकों पर मुझे बहुत गुस्सा आता है। मेरी उनसे यही गुजारिश है कि वे अपनी तरह मुझे भी साफ-सुथरी व सुरक्षित रखें, जिससे मैं और अधिक लोगों के काम आ सकूँ।

जबसे मेरा जन्म हुआ है, मानवजाति ने मुझे सिर आँखों पर बिठाया है। लोग मुझे सरस्वती माँ का रूप समझते हैं। मेरी पूजा-अर्चना करते हैं। मुझे यह सम्मान प्राप्त कर स्वयं पर बहुत गर्व होता है। आधुनिक युग में मेरा एक नया रूप जन्म ले रहा है। लोग अब मुझे अपनी अलमारियों में बंद करने लगे हैं और मेरे बदले कंप्यूटर, मोबाइल आदि पर उपलब्ध मेरे एक नए रूप का मोह लोगों में तेजी से बढ़ने लगा है। यह परिवर्तन मेरे लिए बहुत सुखद नहीं है, क्योंकि मुझे अपना वर्तमान रूप बहुत पसंद है। फिर भी मैं परिवर्तन का सम्मान करती हूँ। मेरा जन्म मानवसभ्यता को ज्ञान-विज्ञान की बुलंदियों तक पहुँचाने के लिए हुआ है और मैं ऐसा करके स्वयं को धन्य समझती हूँ। बस यही है मेरी छोटी-सी आत्मकथा।

shaalaa.com
निबंध लेखन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2019-2020 (March) Official

संबंधित प्रश्‍न

‘यदि मेरा घर अंतरिक्ष में होता,’ विषय पर अस्‍सी से सौ शब्‍दों में निबंध लेखन कीजिए।


‘संदेश वहन के आधुनिक साधनों से लाभ-हानि’ विषय पर अस्सी से सौ शब्‍दों तक निबंध लिखिए।


निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।

नदी किनारे एक शाम


आत्मकथात्मक निबंध: मैं हूँ भाषा


‘बुरी संगति किसी को भी दिशाहीन बना सकती है’ इसपर तर्क सहित अपने विचार लिखिए।


‘मेरा प्रिय कवि/लेखक’ विषय पर सौ शब्‍दों में निबंध लिखिए।


‘स्‍वार्थ के अंधेपन से व्यक्‍ति अपनों से दूर हो जाता है’ इस संदर्भ में अपने विचार लिखिए। 


‘युवापीढ़ी का उत्‍तरदायित्‍व’ विषय पर लगभग सौ शब्‍दों में निबंध लिखिए।


निम्नलिखित विषय पर लगभग ८० से १०० शब्दों में निबंध लिखिए:

पर्यावरण संतुलन


निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 150 शब्दों में रचनात्मक लेखन लिखिए।

विद्यालय में मेरा प्रिय कोना


निम्नलिखित विषय पर 60 से 70 शब्दों में निबंध लिखिए:

मैं पेड़ बोल रहा हूँ ...


निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’


निबंध लेखन:

मेरा प्रिय खिलाड़ी


निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।

गरमी की पहली बारिश


नीचे दिए गए अप्रत्याशित विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।

आज़ादी का अमृत महोत्सव: स्वर्णिम 75 साल


निबंध लिखिए -

भ्रष्टाचार


निबंध लिखिए -

आतंकवाद


निबंध लिखिए:

तनाव


निबंध लिखिए:

सफलता


निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।

यदि मोबाइल न होता


निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

फटी पुस्तक की आत्मकथा


राष्‍ट्र का गौरव बनाए रखने के लिए पूर्व प्रधानमंत्रियों द्वारा किए सराहनीय कार्यों की सूची बनाइए।


‘प्रदूषण मुक्‍त त्‍योहार’ इस विषय पर निबंध लिखिए।



निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

यदि पुस्तकें न होती........


वर्णनात्मक -


चौकटीत दिलेल्या घटकाचे आत्मकथन लिहा:


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×