मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता १० वी

‘परहित सरिस धर्म नहिं भाई’ इस सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

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प्रश्न

‘परहित सरिस धर्म नहिं भाई’ इस सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

परोपकार सबसे बड़ा धर्म

      रामचरितमानस में तुलसीदास ने लिखा है− 'परहित सरिस धर्म नहीं भाई', जिसका भावार्थ यह है कि दूसरों का हित करने से बड़ा कोई धर्म नहीं है। ज्योतिमठ के शंकराचार्य के परम शिष्य का नाम कृष्ण बोधाश्रम था। कृष्ण बोधाश्रम एक बार प्रवास पर निकले। घूमते-घूमते वे एक ऐसी जगह पहुँच गए, जहाँ पिछले पाँच वर्षों से बारिश नहीं हुई थी। उस क्षेत्र के सारे तालाब और कुएँ सूख गए थे। उन्हें पानी के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता था।

     अपने क्षेत्र में एक संन्यासी को आया देख गाँव के सारे लोग कृष्ण बोधाश्रम के पास पहुँचे। गाँववालों ने कृष्ण बोधाश्रम को अपनी परेशानी बताई और विनती करके बोले,’महाराज जी इस दुविधा से निपटने के लिए कोई उपाय बताएँ।“ कृष्ण बोधाश्रम ने मुसकुराकर कहा, ’पुण्य करोगे तो भगवान जरूर प्रसन्न होंगे।“ गाँववालों ने कहा,’स्वामी जी हम लोग क्या पुण्य करें? इस भीषण समस्या के कारण हमें तो कुछ समझ में नहीं आ रहा है। कृपा करके आप ही कोई मार्ग दिखाएँ।“ कृष्ण बोधाश्रम जी ने कहा, ’सामने जो तालाब दिख रहा है, उसमें पानी नहीं है, जिसके कारण उस तालाब की मछलियाँ प्यास से मर रही हैं। तुम लोग उस तालाब में पानी डालो और प्यास से मर रही मछलियों को बचा लो।“

      गाँववालों ने कहा, "स्वामी जी हम लोगों के पास पीने के लिए भी पानी नहीं है। ऐसे में इन मछलियों के लिए हम पानी कहाँ से लाएँ?“ स्वामी जी ने कहा,’कहीं दूर से भी पानी लाना पड़े, तो लेकर आओ और उस तालाब में डालो।“ सभी लोगों ने दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाकर उस तालाब में डालना शुरू किया।

      दो-चार दिनों तक ऐसा चलता रहा। ईश्वर की ऐसी कृपा हुई की उसी सप्ताह में घनघोर बारिश शुरू हो गई। लगातार बारिश होने से उस क्षेत्र में सूखे की स्थिति समाप्त हो गई और वहाँ के तालाबों में भरपूर पानी एकत्रित हो गया। अब तक संन्यासी गाँव से जा चुके थे, लेकिन गाँववालों को समझ में यह बात आ चुकी थी कि दूसरों की मदद करने वालों की मदद ईश्वर स्वयं करते हैं। इस घटना के बाद उस क्षेत्र के लोगों ने परहित का मार्ग अपना लिया और इससे सारा क्षेत्र खुशहाल बन गया।

सीख: दूसरों की सहायता करना ही सबसे बड़ा धर्म है।

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कहानी लेखन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.01: बरषहिं जलद - उपयोजित लेखन [पृष्ठ ५३]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Lokbharati Standard 10 Maharashtra State Board
पाठ 2.01 बरषहिं जलद
उपयोजित लेखन | Q (१) | पृष्ठ ५३

संबंधित प्रश्‍न

निम्‍नलिखित शब्‍दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए तथा उचित शीर्षक दीजिए :

अलमारी, गिलहरी, चावल के पापड़, छोटा बच्चा |


निम्नलिखित मुद्दों के उचित क्रम लगाकर उनके आधार पर कहानी लेखन कीजिए :

मन में निश्चय लोगों का जुड़ना कुआँ तैयार होना लोगों का खुश होना सीख,शीर्षक
छुट्‌टियों में गाँव आना कुआँ पानी से भरना लोगों का हँसना प्रतिवर्ष सूखे की समस्या का सामन -
कुआँ खोदने का प्रारंभ शहर के महाविद्‌यालय में पढ़ना एक मित्र का साथ देना एक लड़का -

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक देकर उससे प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:

एक लड़की ______ विद्‌यालय में देरी से पहुँचना ______ शिक्षक द्‌वारा डाँटना ______ लड़की का मौन रहना ______ दूसरे दिन समाचार पढ़ना ______ लड़की को गौरवान्वित करना।


‘जैसी करनी वैसी भरनी’ इस कहावत के आधार पर कहानी लिखिए।


निम्‍नलिखित सुवचन पर आधारित कहानी लिखिए: 

‘स्‍वास्‍थ्‍य ही संपदा है।’


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग ७० से ८० शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

एक गाँव – पीने के पानी की समस्या – दूर-दूर से पानी लाना – सभी लोग परेशान – सभा का आयोजन – मिलकर श्रमदान का निर्णय – दूसरे दिन से – केवल एक आदमी – काम में जुटना – धीरे-धीरे एक-एक का आना – सारा गाँव श्रमदान में – गाँव के तालाब की सफाई – कीचड़, प्लास्टिक निकालना – बरसात में तालाब का स्वच्छ पानी से भरना।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

एक मजदूर - दिन भर श्रम करना - बनिया की दुकान से रोज चावल खरीदना - बनिया द्वारा बचत की सलाह - मजदूर की उपेक्षा करना - बनिया द्वारा मजदूर के चावलों में से थोड़ा-थोड़ा चावल अलग करना - पंद्रह दिन बाद मजदूर के हाथ में दो किलो चावल - मजदूर आश्चर्यचकित - बनिया का बचत की बात बताना - मजदूर को बचत काँ महत्त्व समझना - सीख।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए:

एक लड़की - घर में दादी के साथ अकेली - अचानक दादी की तबियत बिगड़ना - समय सूचकता दिखाना - डॉक्टर का आना - दादी की जान बचना - प्रशंसा पाना।


‘जैसा करोगे वैसा भरोगे’ विषय पर लघु कथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए।


कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

मनोज का रिक्शा से मंडी जाना - जल्दबाजी में बदुआ रिक्शे में भूलना - थोड़ी सब्जी लेकर घर लौटना - तनाव में - रात नौ बजेदरवाजे पर रिक्शेवाले की दस्तक - पता ढूँढ़ते घर आना और बटुआ लौटाना - शीर्षक।

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए।

रामू - लालच - गिरफ्तार - हवालात - जेल - सुधार - परोपकार - शीर्षक।

निम्नलिखित सुवचन के आधार पर कहानी लिखकर उचित सीख लिखिए:

भला कर और भूल जा


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

देखते ही देखते ओले बरसने लगे। टेनिस बॉल जैसे बड़े-बड़े। पहले कभी नहीं देखे ऐसे ओले ........


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

मैं घर पहुँची तो टेबिल पर मेरी पसंद के व्यंजनों की भरमार थी। अड़ोसियों-पड़ोसियों की भीड़ देख कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि पापा ने गले लगाते हुए बताया कि .........


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

राम एक गरीब छात्र था - सरकारी नौकरी लगना - धनवान बनना - छापा पड़ना - जेल जाना - प्रतिष्ठा धूमिल होना।

शीर्षक


कहानी लेखन-

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए-

एक आदमी ---- भगवान ---- वरदान दिया ---- जन्म लिया। छोटा ---- हवा का झोंका ---- रात ---- तारे अच्छे लगते ---- बातें ---- दोनों की दोस्ती ---- फलदाब पेड़ ---- फल ---- तारे को भेजा, ---- प्रसल हुआ ---- खुश रहने लगे ---- मित्रता इसी प्रकार निभानी चाहिए।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखिए-

राजा ______ बलशाली ______ दुश्मनी ______ राज्य हड़पना ______ सेना ______ गुप्तचर ______ आक्रमण क्रिया ______ विजय ______ भरोसा।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग (70-80) शब्दों में कहानी लिखिए।

बीज, वर्षा, पेड़, कली


'पश्चाताप' विषय पर लघुकथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित शब्‍दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक दीजिए:

रोबोट (यंत्रमानव), गुफा, झोंपड़ी, समुद्र।


शब्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए।

माेबाइल, लड़का, गाँव, सफर


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

वसुधैव कुटुंबकम


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

पेड़ लगाओ, पृथ्वी बचाओ।


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

अनुभव महान गुरु है। 


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

अतिथि देवो भव


मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन:

एक युवक → गलत संगति के चलते बुरी आदतों का शिकार होना → पुलिस के छापे में गिरफ्तार होना
पूछताछ में पुलिस अधिकारी का सच्चाई जानना → समुपदेशन कर उचित सलाह देना → रिहा होकर युवक का पुरानी संगति छोड़कर छोटा-मोटा व्यवसाय शुरू करना
धीरे-धीरे बड़ा व्यवसायी बनना → अपने जैसे युवकों काे नौकरी देना → शीर्षक

“अभी धुप चमक रही थी कि अचानक आकाश में काले बादलों का साम्राज्य छा गया और तभी तेज़ ओलों की बौछार ने सड़क पर धमा - चौकड़ी मचा दी..." इस कथा को लगभग 100 शब्दों में आगे बढ़ाकर लिखिए।


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